निजी बैंकों की सीमा 100 फीसदी करने की तैयारी

निजी बैंकों की सीमा 100 फीसदी करने की तैयारी

नई दिल्ली : विदेशी निवेश को बढ़ाये जाने के लिए सरकार के द्वारा नए-नए जतन किये जा रहे है. इसीको देखते हुए अब सरकार के द्वारा निजी बैंकों में भी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की सीमा को बढ़ाकर 100 फीसदी करने का विचार किया जा रहा है यह भी बता दे कि यह सीमा 74 प्रतिशत है. सूत्रों से यह बात सामने आई है कि औद्योगिक नीति एवं संवर्धन विभाग (DIPP) के द्वारा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की सीमा बढ़ाये जाने को लेकर सुझाव भी वित्तीय सेवा विभाग को भेजा गया है. गौरतलब है कि अभी निजी क्षेत्र की बैंकिंग में 74 फीसदी की अनुमति दी गई है, जिसमे से 49 फीसदी स्वाभाविक मार्ग के जरिये और इससे ज्यादा के लिए विदेशी निवेश संवर्धन बोर्ड (FIBP) के द्वारा अनुमति मिलती है.

यह कहा जा रहा है कि निजी बैंकों, भुगतान बैंकों और लघु वित्त बैंकों को इस पहल के द्वारा विदेशी बाजार का फायदा उठाने में मदद मिलेगी. RBI का यह कहना है कि उसने 11 यूनिट्स को भुगतान बैंक और 10 यूनिट्स को लघु वित्त बैंक स्थापित करने की अनुमति प्रदान की है. सरकार के द्वारा हाल ही में मिश्रति पूंजी की अवधारणा भी पेश की गई है, लेकिन साथ ही क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए सरकार ने यह भी कहा है कि विदेशी संस्थागत निवेशक निजी क्षेत्र के बैंकों में पोर्टफोलियो निवेश के लिए तय पूंजी की सीमा को पार नहीं कर सकते है.