भाई के राज में राम मंदिर के लिए आंदोलन की जरूरत नहीं

Jan 16 2016 11:12 AM
भाई के राज में राम मंदिर के लिए आंदोलन की जरूरत नहीं

लखनऊ : विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रवीण तोगडि़या ने श्री राम मंदिर के मसले पर बड़ा बयान दिया है। प्रवीण तोगडि़या ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पाकिस्तान के दौरे पर जाने की आलोचना की है। उन्होंने श्री राम मंदिर के मसले पर सरकार से नियम बनाने और कानून बनाने की मांग भी की। दरअसल लखनऊ में आयोजित धर्म रक्षा निधि अर्पण कार्यक्रम में विहिप के पदाधिकारी प्रवीण तोगडि़या ने कहा कि दिल्ली में भाई की सरकार है तो फिर राम मंदिर के लिए आंदोलन की आवश्यकता नहीं है।

विहिप नेता द्वारा कहा गया कि अपनी सरकार के विरूद्ध किसी तरह का आंदोलन नहीं होगा। तोगडि़या ने यह भी कहा कि श्री राम मंदिर का मसला उनके लिए किसी तरह का सियासी मसला नहीं है। जनता चुनाव में पार्टियों और सरकार का कार्य देखकर ही निर्णय लेती है। सरदार पटेल ने संसद से कानून बनाकर सोमनाथ मंदिर तैयार करवाया था। प्रवीण तोगडि़या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यदि सरदार वल्लभ भाई पटेल के मार्ग पर चलते हैं तो यह एक बेहतर बाती होगी।

मोदी सरकार संसद में श्री राम मंदिर के निर्माण हेतु प्रयास कर सकती है। इस मामले में प्रवीण तोगडि़या ने यह भी कहा कि जो लोग मंदिर मामले का विरोध कर रहे हैं उन्हें विरोध के बाद भी श्री राम मंदिर तो बनाना ही होगा। उन्होंने लोगों से मदद करने की अपील की। उनका कहना था कि इस अभियान को आगे बढ़ाने के लिए लोगों की मदद की जरूरत है।

पाकिस्तान को लेकर प्रवीण तोगडि़या ने कहा कि पाकिस्तान का निर्माण ही भारत से वैमनस्य रखकर किया गया। वर्ष 1947 से आज तक इसी तरह के परिणाम सामने आए हैं। जब पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने लाहौर की यात्रा प्रारंभ की तो कारगिल युद्ध हुआ।

जब यूपीए के कार्यकाल में प्रधानमंत्री पद पर आसीन मनमोहन सिंह ने संबंध सुधारे तो मुंबई में 26/11 का हमला हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चाय के बाद पठानकोट में हमला हो गया। हां, इंदिरा गांधी ने भारत - पाकिस्तान के संबंध सुधारने पर पहल नहीं की। उन्होंने मांग की कि पाकिस्तान को उसके देश में रहने वाले हाफिज सईद, दाऊद इब्राहिम, लखवी और अजहर मसूद को भारत को सौंप देना चाहिए।