मानसून सीजन में कमजोरी पड़ रही बैंको पर भारी

By Hitesh Songara
Oct 08 2015 03:46 PM
मानसून सीजन में कमजोरी पड़ रही बैंको पर भारी

नई दिल्ली : मानसून सीजन में कमजोरी के कारण जहाँ एक तरह किसानों के चेहरे से चमक गायब हो गई है वहीँ अब इसका असर बैंकों पर भी देखने को मिल रहा है. गौरतलब है कि इस वर्ष वर्षा कम हुई है जिसके कारण फसलों का उत्पादन भी बहुत हद तह प्रभावित हुआ है, जिसके कारण किसान मुसीबत में है. बैंकों को लेकर यह कहा जा रहा है कि मानसून की कमजोरी का असर बैंकों की एग्रीकल्चर लोन की बैलेंस शीट पर देखने को मिल रहा है. इस मामले में विश्लेषकों का यह मानना है कि बारिश में कमी के वजह से ये लोन बीच में फंसे रहने की चिंता भी बढ़ चुकी है.

यह बात सामने आई है कि इस साल अगस्त माह तक बैंकों के द्वारा एग्रीकल्चर सेक्टर को 8.7 लाख करोड़ का लोन दिया जा चूका है और इस दौरान अपने NPA को कम करने को लेकर बैंकों द्वारा कर्ज की रीस्ट्रक्चरिंग की जा रही है. फ़िलहाल यह बात सामने आ रही है कि देश में 14 फीसदी कम बारिश हुई है जबकि यदि ऐसे में यह आंकड़ा 20 फीसदी तक पहुँच जाता है तो ऐसी स्थिति में कर्ज के डूबने का खतरा भी बढ़ जाता है.

इसके साथ ही कृषि उपकरणों के साथ ही ट्रेक्टरों की फाइनेंसिंग में भी कमी देखने को मिली है. यह बात सामने आ रही है कि मानसून में वित्त वर्ष 2016 तक कमजोरी से एग्रीकल्चर NPA 8.4 तक पहुँच सकता है. इस हिसाब से बैंकों के ग्रॉस NPA में 0.5 फीसदी की बढ़ोतरी की भी सम्भावनॉए है. गौरतलब है कि बारिश के इस कमजोर रुख के कारण किसानो के साथ ही सरकार भी चिंता में है.