दही से बनता है शारीरिक सौंदर्य


आइये जानते है इसके लाभ के बारे में. . . 

पेट का साथी - 

अमेरिका के आहार विशेषज्ञों ने निष्कर्ष निकाला है कि दही के नियमित सेवन से आंतों के रोग और पेट की बीमारियां नहीं होती हैं तथा कई प्रकार के विटामिन बनने लगते हैं. दही में जो बैक्टीरिया होते हैं, वे लेक्टेज बैक्टीरिया उत्पन्न करते हैं. इसमें हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और गुर्दों की बीमारियों को रोकने की अद्भुत क्षमता है. यह हार्टबीट सही रखता है.

दही में कैल्शियम की मात्रा काफी पाई जाती है, जो हमारे शरीर में हड्डियों का विकास करती है. दांतों एवं नाखूनों की मजबूती एवं मांसपेशियों के सही ढंग से काम करने में भी सहायता करती है. पेट में गड़बड़ हो, पतले दस्त हों तो दही के साथ ईसबगोल की भूसी लें. दही के साथ चावल खाएं. बवासीर के रोगियों को चाहिए कि दोपहर में भोजन के बाद एक गिलास छाछ में अजवायन डालकर पीएं.

दही में शहद मिलाकर चटाने से छोटे बच्चों के दांत आसानी से निकलते हैं. मुंह के छालों में दही कम करने के लिए दिन में कई बार दही की मलाई लगाएं. इसके अलावा शहद व दही की समान मात्रा मिलाकर सुबह-शाम सेवन करने से मुंह के छाले दूर हो जाते हैं. 

चर्बी घटाए भी और बढ़ाए भी - 

दही के सेवन से शरीर की फालतू चर्बी कम करने में सहायता मिलती है. गर्मी के मौसम में दही की छाछ या लस्सी बनाकर पीने से पेट की गर्मी शांत हो जाती है. इसे पीकर बाहर निकलें तो लू लगने का डर भी नहीं रहता है. दुबले व्यक्तियों को चाहिए कि दही में किशमिश, बादाम, छुहारा आदि मिलाकर पीएं. इससे वजन बढ़ता है. 

दही को जीरे व हींग का छौंक लगाकर खाने से जोड़ों के दर्द में लाभ पहुंचता है. यह स्वादिष्ट और पौष्टिक होता है. 

पसीने की बदबू नहीं आएगी -

गर्मी के दिनों में पसीना काफी निकलता है. पसीने की बदबू दूर करने के लिए दही और बेसन मिलाकर शरीर पर मालिश करें तथा कुछ देर बाद स्नान करें, इससे पसीने की बदबू दूर हो जाती है. नींद न आने से परेशान रहने वाले लोगों को दही व छाछ का सेवन करना चाहिए.