मेरे पति मरे नहीं है बल्कि तीन लोगों में जिंदा हैं

इंदौर। गौरतलब है की जिस रामेश्वर खेड़े जो की खरगोन से 35 किमी दूर के एक गांव में रहता था. तथा रामेश्वर की पत्नी किरण ने कहा है की वे मरकर भी  तीन लोगो में जिंदा है. तथा इस मामले में ग्रीन कॉरिडोर के जरिए रिकॉर्ड समय में ऑर्गन एयरपोर्ट पहुंचाने और फिर वहां से मेदांता तक ले जाया गया था व खबर है की चोइथराम अस्पताल ने किरण को उसका शव देने से इंकार कर दिया वह भी अस्पताल के 15 हजार रु. के बिल को लेकर व इसे परिवार ने जैसे तैसे कर चुकाया व जब इसकी जानकारी कमिश्नर संजय दुबे को पता चली तो उन्होंने अस्पताल प्रशासन को परिजनों से ली गई राशि को लौटाने को कहा। 

खरगोन जिला प्रशासन को एक लाख रुपए की सहायता राशि देने के निर्देश दिए गए है। इसके अलावा पूरे परिवार का बीमा भी करवाया जा रहा है। तथा इसके साथ साथ प्रशासन ने एक दृष्टिहीन सदस्य के आंख के ऑपरेशन की जिम्मेदारी भी उठाई है. तथा शाम को ही अपनी बात से पलटते हुए चोइथराम अस्पताल ने बिल की राशि वापस करने की बात भी कह दी. किरण की इच्छा है की वह तीनो लोगो से मिलना चाहती है जिन्हे रामेश्वर की किडनी व ऑर्गन दिए गए है. तथा रामेश्वर के गावं की सरपंच ने कहा है की गांव में  रामेश्वर का स्टेच्यू बनाया जाएगा.

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