जिंदगी बचाने के लिए रुका इंदौर, 8 मिनट में 50 मिनट का सफर कर पहुंचाया लिवर

Oct 07 2015 04:33 PM
जिंदगी बचाने के लिए रुका इंदौर, 8 मिनट में 50 मिनट का सफर कर पहुंचाया लिवर

इंदौर : एक बार फिर इंदौर का दिल कुछ देर के लिए रूक गया। एंबुलेंस जहां से भी सायरन बजाती हुई निकली वहां सभी लोग इस वाकये को देखते रहे। इसके लिए शहर का ट्रैफिक काफी समय के लिए रोक दिया गया। हालांकि मध्यप्रदेश में ग्रीन काॅरिडोर तैयार करने के लिए यह पहला मामला सामने आया है। एंबुलेंस द्वारा 10.5 किलोमीटर पर लगने वाले 50 मिनट की यात्रा को 8 मिनट में पूरा कर लिया गया। पहले इस लिवर को अस्पताल से एयरपोर्ट पहुंचाया गया। फिर इसे प्लेन से दिल्ली भेज दिया गया। यहां पर गुड़गांव के मेदांता अस्पताल में इस लिवर को भेज दिया गया। इस लिवर द्वारा दो जीवन बचाए जाएंगे।

चोइथराम अस्पताल में दाखिल हुए खरगौन के 40 साल के रामेश्वर खेड़े बीते समय बीमार थे। उन्होंने निधन के बाद परिवार को लिवर डोनेट करने का निर्णय लिया। यही नहीं दिल्ली के मेदांता चिकित्सालय में उन्हें दो रिसीवर मिले। उल्लेखनीय है कि लिवर के कुछ पार्टस को अलग-अलग तरह से दान किया जा सकता है। लिवर को शरीर से बाहर महज 6 घंटे तक सुरक्षित रखा जा सकेगा। इस दौरान इसे जल्दी पहुंचाने के प्रयास किए गए। इसके लिए विमान और अस्पताल की ऐंबुलेंस से पहुंचाने की कोशिशें की गईं।

कमिश्नर संजय दुबे ने पुलिस और प्रशासन को ग्रीन काॅरिडोर बनाने को कहा गया। दोपहर 12.02 मिनट में एंबुलेंस चोइथराम हॉस्पिटल ने रवाना हुई और एंबुलेंस 12.10 एयरपोर्ट पहुंची। इस दौरान कहा गया कि 12.20 बजे वे दिल्ली के लिए रवाना हो गए। चोइथराम अस्पताल, माणिकबाग, पलसीकर काॅलोनी, हेमू कालानी नगर, महूनाका, गंगवाल बस स्टेंड, बड़ा गणपति होकर एंबुलेंस एयरपोर्ट पहुंची। इस दौरान ट्रैफिक जवानों की जमकर सराहना की गई।