मृत्युदंड को खत्म करने के खिलाफ है गृहमंत्रालय

नई दिल्ली : विधि आयोग द्वारा केंद्रीय गृहमंत्रालय के समक्ष मृत्युदंड को समाप्त करने की सिफारिश की थी। लेकिन संभावना जताई गई कि आतंकवादी घ्टनाओं के कारण मृत्युदंड को पूरी तरह से समाप्त नहीं किया जा सकेगा। हालांकि सरकार इस बारे में विचार कर रही है। यही नहीं केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि व दूसरी सीनियर अधिकारियों ने आतंकवाद से जुड़े मसलों को छोड़कर दूसरी मामलों में मृत्युदंड समाप्त करने की बात पर चर्चा की। इस दौरान यह बात भी सामने आई कि विधि आयोग की रिपोर्ट पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

गृहमंत्रालय के अधिकारी के अनुसार कानून मंत्रालय द्वारा कहा गया कि इस सप्ताह आखिरी फैसला लिया गया है। इस मामले की संभावना जताई गई है कि मृत्युदंड समाप्त होने की पेशकश भी की जाएगी। यही नहीं अधिकारियों द्वारा कहा गया कि आतंकवाद के खतरे को लेकर कहा गया कि अभी मृत्युदंड समाप्त करने का समय नहीं आया है। इस मामले में यह भी कहा गया है कि विधि आयोग द्वारा आतंकवाद से जुड़े मामलो को छोड़कर मृत्युदंड को समाप्त करने पर जोर दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि याकूब मेमन की फांसी पर भी कई तरह के सवाल उठाए गए। इस मामले में भी कई तरह की चर्चा चल रही थी। यही नहीं इस तरह के मसलों पर यह भी कहा गया कि क्या फांसी की सजा को बरकरार रखना चाहिए। क्या फांसी की सजा पूरी तरह से समाप्त की जा सकती है। 

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