JNU छात्रसंघ चुनाव : वामपंथी छात्र संगठनों का दबदबा बरकरार, 14 साल बाद ABVP की वापसी

Sep 13 2015 03:28 PM
JNU छात्रसंघ चुनाव : वामपंथी छात्र संगठनों का दबदबा बरकरार, 14 साल बाद ABVP की वापसी

नई दिल्ली : जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) के छात्र संघ चुनाव में इस बार भी वामपंथी छात्र संगठनों का दबदबा बरकरार रहा. आज घोषित चुनाव परिणाम में ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने अध्यक्ष पद कब्जा जमाया. पिछली 2 बार से बड़ी जीत दर्ज करने वाली वाम समर्थित ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) 67 मतों के अंतर से अध्यक्ष पद का चुनाव हार गई, हालांकि वह उपाध्यक्ष और महासचिव के पदों पर कब्जा जमाने में कामयाब रहे.

भाजपा समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) ने 14 साल के बाद JNUSU सेन्ट्रल पैनल में वापसी की है और AISA के प्रत्याशी को 28 मतों के कम अंतर से पराजित कर संयुक्त सचिव के पद पर कब्ज़ा जमाया. वाम दबदबे वाले JNU परिसर में, दक्षिणपंथी ABVP सेन्ट्रल पैनल की 4 सीटों में से उपाध्यक्ष और महासचिव पद के लिए हुई मतगणना में दूसरे स्थान पर रही.

JNUAU चुनाव के CEC प्रवीण थपलियाल ने बताया कि अध्यक्ष पद का चुनाव जीतने वाले कन्हैया कुमार को कुल 1029 मत मिले और उन्होंने AISA के विजय कुमार को हराया विजय को 962 मत मिले और वह 67 से चुनाव हार गया. JNUSU चुनाव में 53.3 प्रतिशत वोट पड़े थे. इस साल के मतदान प्रतिशत में पिछले साल के मुकाबले 1.58 फीसदी की कमी आई है. सेंट्रल पैनल के लिए कुल 22 उम्मीदवार अपनी किस्मत को आजमाया जबकि काउंसिलरों के पद के लिए 83 उम्मीदवार चुनावी मैदान में थे.