पंजाब में किसान आंदोलन के चलते 26 फरवरी तक इंटरनेट बंद
पंजाब में किसान आंदोलन के चलते 26 फरवरी तक इंटरनेट बंद
Share:

हरियाणा में 13 फरवरी से बंद इंटरनेट सेवाएं 19 फरवरी को बहाल हो गई हैं, लेकिन पंजाब में कई जगहों पर अभी भी इंटरनेट सेवाएं बंद हैं। केंद्र सरकार के गृह विभाग के निर्देश पर पंजाब में उन इलाकों में इंटरनेट सेवाएं 26 फरवरी तक बंद रहेंगी जहां पर किसान दिल्ली कूच के लिए इकट्ठा होकर बैठे हैं या उनके एक फिर से इकट्ठा होने की आशंका है।

पंजाब में इंटरनेट सेवाएं बंद होने वाले इलाके:

  • पटियाला: शंभू पुलिस स्टेशन इलाके, जुलकन, पासियां, पातडां, समाना, घन्नौर, देवीगढ़ और बाडढ़ा पुलिस स्टेशन
  • मोहाली: लालडू पुलिस स्टेशन इलाके
  • बठिंडा: संगत पुलिस स्टेशन इलाके
  • श्री मुक्तसर साहिब: कालियांवाली पुलिस स्टेशन इलाके
  • मानसा: सरदूलगढ़ और बोहा पुलिस स्टेशन इलाके
  • संगरूर: खनौरी, मुनक, लहरा, सुनाम और छाजली पुलिस स्टेशन इलाके
  • फतेहगढ़ साहिब: पुलिस स्टेशन फतेहगढ़ साहिब इलाके

दिल्ली के सिंघु और टिकरी बॉर्डर फिर खुले:

संयुक्त किसान मोर्चा ने दिल्ली चलो मार्च 29 फरवरी तक स्थगित कर दिया है। इसके बाद अब दिल्ली पुलिस ने हरियाणा से सटे बॉर्डर आंशिक रूप से फिर से खोल दिया गया है। दरअसल, किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च के मद्देनजर हरियाणा से लगे सिंघु और टिकरी बॉर्डर को करीब दो हफ्ते से सील किया हुआ था। अब इन्हें वाहनों के लिए आंशिक रूप से खोला जा रहा है। दिल्ली पुलिस के एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि वाहनों की आवाजाही की अनुमति देने के लिए सिंघु बॉर्डर पर सर्विस लेन की एक लेन और टिकरी बॉर्डर पर एक लेन खोला गया है। सिंघु और टिकरी बॉर्डर खुलने से दिल्ली से हरियाणा जाने वालों को राहत मिलेगी.

किसान आंदोलन का पंजाब में इंटरनेट सेवाओं पर बड़ा प्रभाव:

पंजाब में इंटरनेट सेवाओं के बंद होने से लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऑनलाइन शिक्षा, व्यापार, और अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा उत्पन्न हुई है। लोगों को बैंकिंग, लेनदेन, और अन्य ऑनलाइन सेवाओं के लिए भी परेशानी हो रही है।

केंद्र सरकार का तर्क:

केंद्र सरकार का तर्क है कि इंटरनेट सेवाएं बंद करने का फैसला कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है। सरकार का कहना है कि इंटरनेट सेवाओं के माध्यम से अफवाहें फैलाई जा सकती हैं और हिंसा भड़की जा सकती है।

किसान संगठनों का विरोध:

किसान संगठनों ने इंटरनेट सेवाओं को बंद करने के फैसले का विरोध किया है। उनका कहना है कि यह फैसला लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। किसान संगठनों ने सरकार से मांग की है कि वह इंटरनेट सेवाओं को तुरंत बहाल करे।​ पंजाब में किसान आंदोलन का इंटरनेट सेवाओं पर बड़ा प्रभाव पड़ा है। लोगों को कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकार का कहना है कि यह फैसला कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिया गया है, जबकि किसान संगठनों का कहना है कि यह फैसला लोगों के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। यह देखना होगा कि सरकार कब तक इंटरनेट सेवाओं को बंद रखती है।

राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा में शामिल होंगे अखिलेश यादव, बना सकते है लोकसभा चुनाव की नई रणनीति

आलू फ्राई: फ्रेंच नाम, भारतीय स्वाद! इतिहास के राज खोले!

डिजिटल दुनिया के राजा-रानी: इंटरनेट पर कौन सी भाषाएं हैं सबसे ज्यादा इस्तेमाल में?

रिलेटेड टॉपिक्स
- Sponsored Advert -
मध्य प्रदेश जनसम्पर्क न्यूज़ फीड  

हिंदी न्यूज़ -  https://mpinfo.org/RSSFeed/RSSFeed_News.xml  

इंग्लिश न्यूज़ -  https://mpinfo.org/RSSFeed/RSSFeed_EngNews.xml

फोटो -  https://mpinfo.org/RSSFeed/RSSFeed_Photo.xml

- Sponsored Advert -