डिलेवरी के बाद मां ने दम तोड़ा,परिजनों ने की तोड़फोड़

इंदौर: इंदौर में एक मामले के तहत महिला जिसका नाम 23 वर्षीय अमरीन बी है तथा वह गीता नगर में रहती है. उसे तीन अक्टूबर को ही आस्था अस्पताल में भर्ती कराया गया था जो की स्कीम नंबर 71 में स्थित है. तथा अमरीन को 36 हफ्ते (नौ महीने) का गर्भ था. तथा इस रिपोर्ट में इस बात का जिक्र है कि 32 हफ्ते (आठवां महीना) में ही गर्भ में गर्भ में बच्चे की मौत हो चुकी थी. अमरीन एक माह से अमरीन मृत बच्चे के साथ ही जी रही थी. इसकी जानकारी उसे नही थी व बच्चा इस दौरान भीतर ही गलने लग गया था व इसके कारण अमरीन के शरीर में इंफेक्शन फैल गया था।

ऑपरेशन के बाद उसे अत्यधिक ब्लिंडिंग हो रही थी, जिसे पोस्टपार्टन हेमरेज व डीआईसी कहा जाता है। महिला का ब्लड ग्रुप भी बी नेगेटिव था। परिजन को दो यूनिट ब्लड का इंतजाम भी करने को कहा गया था लेकिन वे एक ही यूनिट का इंतजाम कर पाए थे। इसलिए हमने उसे चोइथराम अस्पताल रेफर कर दिया। जहां रविवार रात को उसकी मौत हो गई। तथा इस पर परिजनों ने अपने आरोप में कहा की हमे डाक्टरों ने बता दिया था की बच्चा मर चूका है. फिर भी हमे यह जानकारी नही दी गई थी की अमरीन की हालत गंभीर है.

डॉ.अलका वर्मा ने उसकी नार्मल डिलेवरी करवाई। डिलेवरी के कुछ देर बाद ही जब अमरीन की हालत बिगड़ने लगी तो उसे दूसरे अस्पताल में भेज दिया गया। जहां पर अमरीन की मौत हो गई व परिजनों ने इसके लिए चंदननगर थाने का घेराव किया. इस पर अस्पताल की डॉक्टर डॉ.वर्मा ने अस्पताल में पुलिस से सुरक्षा की मांग के तहत कहा है की लड़की के परिजनों ने अस्पताल में तोड़फोड़ की और जान से मारने की धमकी दी है, इसकी शिकायत हमने चंदन नगर थाने में की है. तथा अस्पताल के लिए सुरक्षा की मांग की है.  

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