भारतीय वायुसेना को चाहिए 100 से अधिक राफेल

Oct 04 2015 05:47 AM
भारतीय वायुसेना को चाहिए 100 से अधिक राफेल

नई दिल्ली : भारतीय वायुसेना ने शनिवार को बताया कि उसे अपनी क्षमता जारी रखने के लिए 108 राफेल या इसी तरह के जेट विमान वाले कम से कम छह स्क्वाड्रन की आवश्यकता है। उसने उम्मीद जतायी कि इस साल के अंत तक 36 फ्रांसीसी विमानों के लिए अनुबंध पर हस्ताक्षर हो सकते हैं। वायुसेना प्रमुख एयर मार्शल अरूप राहा ने बताया कि 18 राफेल जेट वाले 2 स्क्वाड्रन पर्याप्त नहीं होंगे।

उनके मुताबिक बल को बहु भूमिका वाले मझोले लड़ाकू विमानों (MMRCA) के कम से कम 6 स्क्वाड्रन की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने संकेत दिया कि भले ही राफेल अग्रिम पंक्ति में हो किन्तु भारत सौदा अच्छा होने पर इसी तरह की क्षमता वाले अन्य विमानों पर भी विचार कर सकता है। राहा ने 8 अक्तूबर को वायुसेना दिवस से पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा, निश्चित तौर पर हम MMRCA श्रेणी के विमान प्राप्त करना चाहेंगे। मेरे हिसाब से कम से कम छह स्क्वाड्रन। अब देखते हैं कि कुछ अन्य विकल्प भी हो सकते हैं।

 उन्होंने पीएम नरेन्द्र मोदी की अप्रैल में फ्रांस यात्रा के दौरान घोषित सरकारों के बीच हुए करार के तहत 36 राफेल विमानों के अतिरिक्त भी भारतीय वायुसेना को अधिक विमानों की जरूरत के बारे में पूछे गये सवालों के जवाब में यह बात कही। यह पूछने पर की क्या विमानों के 4 अतिरिक्त स्क्वाड्रन राफेल के होंगे या अन्य विमान भी हो सकते हैं, राहा ने कहा, मैं चाहूंगा कि राफेल हो लेकिन अन्य विमान भी उतने ही अच्छे हैं। यदि सौदा अच्छा हो तथा सरकार तय करे तो हमें इसी तरह के छह स्क्वाड्रन की जरूरत है।

उन्होंने कहा,की विकल्प हैं। मैं यह नहीं कह सकता कि मुझे सिर्फ राफेल चाहिए। मुझे राफेल श्रेणी विमान की क्षमता चाहिए। लिहाजा सरकार इस पर ध्यान देगी तथा शीघ्रता के आधार तथा डसाल्ट एविएशन के साथ होने वाले अनुबंध की श्रेणी के आधार पर सरकार द्वारा आगे का निर्णय लिया जा सकता। मैं भविष्यवाणी नहीं कर सकता।’ उन्होंने स्वीकार किया कि भारतीय वायुसेना में 42 स्क्वाड्रन की अधिकृत क्षमता में फिलहाल कमी है। साथ ही आगामी वर्षो में कई स्क्वाड्रनों में बदले जाने के लिए और विमानों की जरूरत है।