भारत को है भूमि अधिग्रहण और श्रम सुधारों पर जोर देने की जरुरत

नई दिल्ली : देश में निवेश के बढ़ने के साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि भारत की अर्थव्यवस्था भी मजबूती के दौर की तरफ अग्रसर है. इस मामले में वैश्विक वित्तीय सेवा कंपनी HSBC ने भी एक रिपोर्ट पेश की है जिसमे यह बात सामने आई है कि भारत फ़िलहाल विकास प्रक्रिया में है और इसके साथ ही यह उम्मीद जताई जा रही है कि चालू वित्त वर्ष में भारत की वृद्धि दर भी 7.6 फीसदी रह सकती है. लेकिन साथ ही रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि इसे वास्तविक क्षमता को प्राप्त करने के लिए भूमि अधिग्रहण और श्रम सुधारों जैसी बातों पर जोर देना होगा और साथ ही इसके लिए कुछ साहसी कदम भी उठाना होंगे.

इसके साथ ही HSBC ने यह भी कहा है कि ऐसा किये जाने तक सकल घरेलू उत्पादन की वृद्धि दर का अनुमान 7.6 फीसदी बना हुआ है गौरतलब है कि यह पहले 7.8 फीसदी पर देखने को मिल चूका है. साथ ही रिपोर्ट में इस बात पर भी जोर दिया गया है कि जहाँ वित्त वर्ष 2016-17 के दौरान वृद्धि दर के 7.8 रहने का अनुमान है वहीँ 2017-18 ने इसके 8.2 फीसदी रहने की बात की जा रही है. आपको साथ ही यह भी बता दे कि इस वर्ष की अप्रैल से जून की तिमाही में वृद्धि दर में कटौती देखने को मिली है जोकि पिछली तिमाही के दौरान 7.5 फीसदी रही थी.

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