पिछड़ेपन से दूर हामिद अंसारी ने हासिल किया नया मुकाम

Apr 01 2015 01:46 AM
पिछड़ेपन से दूर हामिद अंसारी ने हासिल किया नया मुकाम
नई दिल्ली : यूं तो हर बार मुस्लिमों को देश की मुख्यधारा से जोड़े जाने की बातें की जाती हैं, मुस्लिमों को आम भारतीयों से पिछड़ा भी माना जाता है कुछ ऐसे लोग भी हैं जो देश सेवा कर इस कौम को अपने कार्यों से पहचान देते हैं। इन्हीं में से एक हैं देश के उपराष्ट्रपति मोहम्मद हामिद अंसारी। शिक्षाविद् से अपना सेवाकाल प्रारंभ कर मोहम्मद हामिद अंसारी उपराष्ट्रपति की कुर्सी तक पहुंचे, यह कभी न भूलने वाली एक बड़ी उपलब्धी है।
 
हामिद अंसारी का जन्म 1 अप्रैल 1934 को हुआ।  हामिद अंसारी भारतीय अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष भी रहे। यही नहीं वे एक शिक्षाविद, प्रमुख राजनेता हैं और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति भी रहे हैं। यही नहीं वे 10 अगस्त 2007 को देश के 13 वें राष्ट्रपति भी निर्वाचित हुए। कोलकाता में जन्मे हामिद अंसारी ने अपनी स्कूली शिक्षा सेंट एडवर्डस हाई-स्कूल शिमाल, सेंट जेवियर्स महाविद्यालय कोलकाता और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय से उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की। यही नहीं वर्ष 1984 में उन्हें पद्यमश्री अलंकरण से सम्मानित किया गया।
 
उपराष्ट्रपति अंसारी अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के उपकुलपति रहे यही नहीं उन्होंने ईराम में भारत के राजदूत के रूप में भी कार्य किया। उन्होंने आधुनिक शिक्षा पर अधिक जोर दिया। दूसरी ओर इसाई, सिख, पारसी आदि वर्गों के कल्याण में भी उपराष्ट्रपति श्री अंसारी सक्रिय रहे।