मारने से पहले बोले 'बहुत पूजा कर ली, अब ऊपर जाकर पूजा करना'

गुलशन कुमार की कहानी जर्रे से आफताब बनने की कहानी है| उन्होंने भारतीय संगीत उद्योग में ऐसे समय पर कदम रखा जब ये उद्योग धीरे-धीरे लोकप्रिय हो रहा था| गुलशन कुमार अपनी मेहनत, दूरदृष्टि और जज्बे से संगीत उद्योग को नयी ऊँचाइयों पर ले गए| वो आम जनता की नब्ज़ को पहचानते थे अतः उन्होंने लोगों को वही दिया जो वो चाहते थे| ऐसा कर उन्होंने संगीत उद्योग में नए जीवन और ऊर्जा का संचार किया| ऑडियो कैसेत्ट्स के बिक्री से संगीत क्षेत्र में व्यवसाय की शुरुआत करने वाले गुलशन ने इन्ही कैसेत्ट्स को सस्ते दामों पर बनाकर समाज के हर तबके तक पहुँचाया और हिंदी फिल्म संगीत जगत में एक विशाल साम्राज्य स्थापित किया| सिर्फ यही नहीं, उन्होंने फिल्मों के निर्माण के क्षेत्र में कदम रख कर कई नए चेहरों को मौका भी दिया।

एक छोटी सी म्यूजिक कैसेट कंपनी से बिजनेस की शुरुआत करने वाले गुलशन कुमार ने म्यूजिक की दुनिया में तहलका मचा दिया था। गुलशन कुमार की म्यूजिक कंपनी टी-सीरीज इस समय बॉलीवुड की सबसे बड़ी म्यूजिक कंपनी है। गुलशन कुमार को कैसेट किंग के नाम से जाना जाता है। दिल्ली के एक छोटे से इलाके से मुंबई पर राज करने वाले गुलशन कुमार की सफलताएं कई लोगों को रास नहीं आईं और 12 अगस्त 1997 को उनकी हत्या कर दी गई थी। उनकी पुण्यतिथि पर गुलशन कुमार की हत्या से जुड़े कुछ पहलुओं को सामने रखने की कोशिश करते हैं।

12 अगस्त 1997 की सुबह गुलशन कुमार हर रोज की तरह अपने एक नौकर के साथ पूजा की सामग्री लेकर मुंबई स्थित लोखंडवाला कॉम्प्लेक्स के अपने घर से थोड़ी दूर पर स्थित शिव मंदिर में पूजा करने के लिए निकले। उस दिन उनके साथ उनका बॉडीगार्ड भी नहीं था।  गुलशन कुमार हर रोज उस मंदिर में आरती करते थे। उस दिन सुबह ठीक 10.40 पर उन्होंने मंदिर में पूजा समाप्त की और जैसे ही अपनी गाड़ी की तरफ बढ़े, लंबे बालों वाला एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आकर खड़ा हो गया और उसने चिल्लाकर कहा- बहुत पूजा कर ली अब ऊपर जाकर पूजा करना। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार इस बात को बोलते ही उस आदमी ने गुलशन कुमार को गोली मार दी। गोली सीधे उनके सिर पर लगी। 

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