आज भी गुजरात के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रहे 60 की उम्र पार 68000 छात्र

By Sandeep Meena
Oct 05 2015 11:38 PM
आज भी गुजरात के स्कूल-कॉलेजों में पढ़ रहे 60 की उम्र पार 68000 छात्र

अहमदाबाद। गुजरात यूनिवर्सिटी की एमए संस्कृत की क्लास में 65 साल के व्यवसायी बालकृष्ण पांड्या अपने से आधी उम्र के स्टूडेंट्स के साथ बैठकर पढाई करते है। नियमित रूप से क्लास आने वाले पांड्या कई बार शिक्षकों के नहीं होने पर अन्य छात्रों को पढ़ाने का काम भी कर लिया करते हैं।

1971 में अपनी B.Sc की पढ़ाई पूरी करने वाले पांड्या फिलहाल एमए संस्कृत की क्लास में दूसरे साल के छात्र हैं। उन्होंने काफी समय पहले ही पढ़ाई छोड़ दी थी लेकिन पढाई की ललक उन्हें इस उम्र में भी उन्हें क्लासरूम तक खींच लाई और एक बार फिर से वे स्टूडेंट बन गए। पहले उन्होंने एचके आर्ट्स कॉलेज से संस्कृत में बीए किया और फिर एमए संस्कृत में एडमिशन लिया।

कुछ इस प्रकार ही अ रेली के रहने वाले इलाबेन जोबनपुत्रा की कहानी भी है। एक बार इलाबेन केरल गई थीं, जहा उन्होंने अधिकतर लोगों को अंग्रेजी में बात करते देखा। इससे वे इतनी प्रभावित हुईं कि उन्होंने अंग्रेजी सीखने का निर्णय किया। इस बारे में वे कहती हैं की, केरल के सफर ने मुझे प्रेरणा दी और मैंने पढ़ना शुरू किया। मैं B.Com स्नातक हूं, लेकिन अंग्रेजी में बात नही कर पाती थी लेकिन मुझे अंग्रेजी बोलने में कोई परेशानी नहीं है।

पांड्या और इलाबेन तो केवल उदाहरण मात्र हैं। बता दे की गुजरात में ऐसे लगभग 68000 स्टूडेंट हैं, जिनकी उम्र 60 साल या उससे अधिक है। इनदिनों वहां 60 साल की उम्र से ज्यादा के लोगों में फिर से पढ़ाई शुरू करने का चलन बढ़ रहा है। अपनी मन पसंद के विषयों में एडमिशन लेकर पढ़ाई फिर से जारी करने का यह सिलसिला जोर पकड़ रहा है। ये लोग या तो स्कूलों में पढ़ाई कर रहे हैं या फिर कॉलेजों में दाखिल हैं। वही केंद्र सरकार का आंकड़ा बताता है की गुजरात में लगभग 1.43 करोड़ स्टूडेंट हैं, जो राज्य की कुल आबादी का 23 प्रतिशत हिस्सा है। इनमें से 3.50 लाख छात्र 35 साल से अधिक उम्र के हैं।