हिंदवाड़ा विवाद : मजिस्ट्रेट के समक्ष भी लड़की कायम रही अपने बयान पर

श्रीनगर : हिंदवाड़ा में लड़की के साथ छेड़छाड़ का मामला तुल पकड़ता जा रहा है। हांलाकि लड़की ने मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज कराए अपने बयान में कहा कि मंगलवार को सेना के किसी भी जवान ने उसके साथ छेड़छाड़ नहीं की।

पुलिस ने बताया कि लड़की अपने पिता के साथ शनिवार की शाम को हिंदवाड़ा के मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने पेश हुई और अपना बयान दर्ज कराया। लड़की ने अपने बयान में कहा कि 12 अप्रैल यानि मंगलवार को वो स्कूल से अपनी सहेलियों के साथ घर आ रही थी। तभी वो हिंदवाड़ा के मुख्य चौक पर सार्वजनिक शौचालय में गई।

जैसे ही वो टॉयलेट से बाहर आई, दो लड़को ने उस पर हमला किया। उसे घसीटा और उसका बैग छीन लिया। उन दो लड़कों में से एक स्कूल की यूनिफॉर्म में था। जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने शनिवार को लड़की की मां की याचिका पर उसे मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश करने का आदेश दिया था, जिसके बाद पुलिस ने लड़की को सीजेएम के समक्ष पेश किया।

इस याचिका में लड़की के पिता, उसके एक रिश्तेदार व लड़की को रिहा करने की मांग की गई थी। तीनों को हिंसक झड़प दे दिन से ही पुलिस की हिरासत में रखा गया है। शनिवार को लड़की की मां ने यह भी स्वीकारा कि उस पर गलत बयान देने के लिए दबाव डाला गया था, ताकि सेना के जवान इस आरोप से मुक्त हो जाएं।

शुक्रवार को श्रीनगर से 100 किमी दूर, कुपवाड़ा के नाथनूसा इलाके में एक शिविर के बाहर पथराव कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सेना के गोली चलाने पर 18 वर्षीय युवक आरिफ हुसैन डार मारा गया और तीन अन्य घायल हो गए थे।

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