सामान्य मानसून से बढ़ेगी 0.45 फीसदी जीडीपी

नई दिल्ली : देश की अर्थव्यवस्था कृषि पर निर्भर है. अच्छी वसूली के लिए अच्छे मानसून की जरूरत है. स्टेंडर्ड चार्टर्ड की एक रिपोर्ट के अनुसार इस साल देश में सामान्य मानसून रहने पर जीडीपी की दर में 0.30 से 0.45 फीसदी की वृद्धि हो सकती है. ग्लोबल आर्थिक अनिश्चितता के बावजूद घरेलू परिस्थितियां भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती है. स्टेंडर्ड चार्टर्ड की रिपोर्ट के अनुसार दो साल बाद इस साल शुरुआत से ही मानसून सामान्य रहने की सम्भावना जताई जा रही है.

इससे कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग बढ़ेगी. इससे कृषि दर में 3 से 4 फीसदी की बढ़ोतरी की उम्मीद है. मानसून का सबसे ज्यादा असर दालों पर पड़ेगा. एक साल में दालों की कीमतें 34 फीसदी तक बढ़ी है. मानसून सामान्य रहा तो दलहन की बुवाई बढ़ेगी. दलहन के लिए सिर्फ 16 फीसदी के लिए ही सिंचाई की व्यवस्था है. मानसून अच्छा रहने से दालों का उत्पादन बढ़ेगा. इससे दालों की महंगाई घटेगी.

आरबीआई गवर्नर राजन ने भी जून में समीक्षा बैठक में इशारा किया था कि यदि मानसून सामान्य रहा और फ़ूड इंफ्लेशन बढ़ती है तो ब्याज दर घटाई जा सकती है. उद्योगों को उम्मीद है कि रिजर्व बैंक निवेश बढ़ाने के लिए ब्याज दरों में कटौती कर सकता है.

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -