FTII मामला : राहुल के आंदोलन पर राठौर ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली : FTII पुणे में गजेंद्र चौहान की नियुक्ति को लेकर सियासी वार-पलटवार का सिलसिला जारी है. FTII में कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी के दौरे को सरकार ने सियासत करार दिया है. वहीं कांग्रेस का कहना है कि राहुल निजी तौर पर वहां गए थे. सूचना प्रसारण राज्य मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने कहा कि सरकार ने नरम रूख अपनाया हुआ है, ये सोच कर कि वो स्टूडेंट हैं. कहीं न कहीं कुछ लोग इस आंदोलन को चलाना चाहते हैं. राठौर ने कहा कि राहुल के दौरे से स्पष्ट है कि ये राजनैतिक है. हम FTII को मजबूत करेंगे. अभी भी बातचीत हो सकती है. एक इंस्टीट्यूट को पॉलिटिकल रूप देना बिलकुल समझदारी नहीं. कोई इंस्टीट्यूट आकर दिल्ली में आंदोलन करें इसका मतलब साफ है. वहां पर सरकार काफी सुविधाए देती है. कई स्टूडेंट्स तो अभी तक पास नहीं हुए हैं. जरूरत है कि कोई ऐसी सोसाइटी बने जो वहां समय दे सके.

राठौर ने कहा कि कई मुद्दे हैं जिन पर काम करना है. FTII को विश्व के टॉप 10 फिल्म संस्थानों में शामिल करने के लिए हम काम करेंगे. अगर बीते दस साल में राहुल गांधी ने वहा का दौरा किया होता तो हालत आज बेहतर होते. अंबिका सोनी ने बचाव करते हुए कहा की राहुल का दौरा राजनैतिक नही था वह पार्टी के कहने पर पुणे नही गए थे. FTII छात्रों के न्योते पर राहुल वहा गए थे.

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