फल देते है सौंदर्य, स्वास्थ्य और चिर- यौवन एक साथ

फल देते है सौंदर्य, स्वास्थ्य और चिर- यौवन एक साथ

प्रकृति ने ऐसी व्यवस्था की है कि जिससे सभी प्राणियों की हर जरूरत पूरी हो सकती है | इंसान जो सबसे विशेष प्राणी है और जिसकी जरूरतें भी विशेष है, उसके लिये भी प्रकृति के विशेष उपहार मौजूद है । बस उन्हें पहचानने और उपयोग करने की आवश्यकता है। हर इंसान चाहता है स्वस्थ्य रहना, सुंदर दिखना और बुढ़ापे को अधिक से अधिक दूर भगाना । इन सभी बातों के लिये कुदरत में सबसे उपयोगी इंतजाम हैं ‘तरह-तरह के फल’ । चूंकि ये फल विभिन्न विटामिन्स, मिनरल्स और फाइबर से भरे होते हैं इसलिये शरीर को वह सब देते हैं, जो स्वास्थ्य, सौन्दर्य और चिर-यौवन के लिये उपयोगी हैं ।

बुढ़ापा, निखार और फल

बुढ़ापे में शारीरिक शक्ति या स्वास्थ्य और सौंदर्य सब कम होने लगता है, इसलिये सभी उसके असर को ज्यादा-से-ज्यादा समय तक कम करना चाहते हैं; उसके लिये भी सबसे उपयोगी होते हैं – एंटी-ओक्सीडेंट्स; वे भी फलों में ही सबसे अधिक होते हैं । विटामिन्स व मिनरल्स तो साधारण सब्जियों में भी बहुत होते है और समान्यतः उनमें फाइबर फलों से भी अधिक होता है; किन्तु एंटी-ओक्सीडेंट्स फलों में अधिक होते हैं । अन्य कई आहार विशेषज्ञों की तरह मैक्स हॉस्पिटल की आहार विशेषज्ञ रीतिका सामददार के अनुसार कोई भी एक फल रोज खाने से आपकी त्वचा पर निखार आता है । फलों से जो कैल्सियम, मैग्नीशियम, आयरन, बीटा-केरोटीन, फॉलिक एसिड आदि मिलते हैं वे ही हमारी उक्त विशेष आकांक्षाओं को पूरा करते हैं । खट्टे फल, जैसे आंवला, नीबू, संतरा, किन्नू, आम, सेब आदि विटामिन सी देते हैं और वह कोलाजन बनाने में मददगार है, जिससे त्वचा के लिये प्रोटीन बनता है और वह रोग-प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है ।

कौनसे फल खाएँ ?

जो फल कम जाने जाते हैं या क्षेत्र-विशेष में ही मिलते हैं; उनमें भी उपरोक्त सभी गुण व एंटी-ओक्सीडेंट्स अच्छी मात्र में होते हैं । इसलिये कुछ विशेष फल ही लाभदायक है या ‘एक सेब रोज खाने से ही डॉक्टर दूर रहेगा’ ऐसी बातों को ही मानकर न बैठें । बल्कि, स्थानीय और मौसमी फल खाना ही अधिक उपयोगी है । सभी फलों में समान गुण भी होते हैं और अपने-अपने विशेष गुण भी । इसलिये सभी तरह के फल अदल-बदल कर खाएँगे तो सभी अच्छे तत्व मिलते रहेंगे और इसमें अधिक चूजी होने का फायदा नहीं, नुकसान ही है।