स्वाइन फ्लू से बचना है तो अपनाएं ये सावधानियां

स्वाइन फ्लू (Swine Influenza) से बचना है तो अपने घर से लेकर ऑफिस तक कुछ सावधानियां अपनाएं। स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए कुछ खास बातों  पर ध्यान जरूर दें। 

तो आइये जाने स्वाइन फ्लू के लक्षण और कारण

स्वाइन फ्लू के लक्षण को पहचानिये 

स्वाइन फ्लू के लक्षण आमतौर पर सामान्य फ्लू जैसे ही होते हैं लेकिन इन लक्षणों में मौजूद जरा से फर्क को आप पहचान पाये, तो आप परेशानियों से बच सकते है। आरंभिक दौर में इस बीमारी के लक्षणों का पहचानने से कई संभावित खतरों को कम किया जा सकलता है। 

1. बुखार या हाई फीवर 
2. अत्यधिक थकन 
3. सर दर्द 
4. ठण्ड लगना या नाक निरंतर बहना 
5. गले में खराश 
6. कफ  
7. सांस लेने में तकलीफ 
8. भूक कम लगना 
9. पेट ख़राब होना, जैसे कि उल्टी होना या लूसी मोशन 

एक ऐसा व्यक्ति जिससे बुखार हो और ऊपर बताये गए लक्षणों में से 2 या 2 से अधिक लक्षण दिख रहे है, तो वह व्यक्ति स्वाइन फ्लू से संक्रमित हो सकता है। 

जानिए स्वाइन फ्लू के कई कारण

1. इन्फ्लुएंजा A वायरस के एक टाइप ‘H1N1’ के इंसान संस्करण द्वारा स्वाइन फ्लू उत्पन्न होता है। यह वायरस साधारण फ्लू के वायरस की तरह ही फैलता है। जब कोई खास्ता या छींकता है, तो छोटी बुँदे थोड़े समय के लिए एयर में फैल जाती है, छोटी बूंदो में से निकले वायरस सतह को टच करते है, तो आप इस वायरस से संक्रमित हो सकते है। 

2. स्वाइन फ्लू का वायरस इन्फेक्शस है और एक इंसान से दूसरे इंसान तक बहुत जल्दी से फैलता है। जब कोई खास्ता या छींकता है, तो छोटी बूंदो में से निकले वायरस कठोर सतह पर आ जाते है। जिस पर ये वायरस 24 घंटे तक जीवित रह सकते है। आप इस वायरस से इन्फेक्शस हो सकते है, यदि आप इन  इन्फेक्शस बूंदो के बीच सांस लेते है तो।  

3. साधारण वस्तुओं जैसे कि खिड़की के हैंडल, रिमोट कंट्रोल, तकिया, कंप्यूटर का कीबोर्ड जैसी चीज़ो के कुछ भाग में इन्फेक्शस बूँद में स्तिथ वायरस से  इन्फेक्शस हो सकती है। यदि कोई व्यक्ति इन चीज़ो के संपर्क मे आता है और इन्फेक्शस हाथों को अपने मूह या नाक में रखता है तो उसे स्वाइन फ्लू इन्फेक्शस हो सकता है। 

- Sponsored Advert -

Most Popular

- Sponsored Advert -