देश में सांप्रदायिकता भड़का रहा है RSS : फारूक अब्दुल्ला

श्रीनगर : गौमांस भक्षण करने की अफवाह को लेकर उत्तरप्रदेश में अखलाक की पीटपीटकर हत्या करने और फिर उपद्रव की स्थिति निर्मित होने के बाद अब इस मामले में सियासत तेज़ हो गई है। लगभग हर दिन नेताओं द्वारा इस मामले में बयानबाजियां की जा रही हैं। लगता है इस मामले की गर्माहट से सियासतदार अपनी रोटियां सेंकने का कार्य कर रहे हैं। मिली जानकारी के अनुसार हाल ही में पूर्व केंद्रीय मंत्री और नेशनल कांफ्रेंस के प्रमुख फारूक अब्दुल्ला ने कहा कि देश में धर्मनिरपेक्षता की हत्या कर दी गई।

इस दौरान केंद्र से अपील की गई है कि देश को बचाने के लिए विभिन्न धर्मों का सम्मान किया जाएगा। दरअसल फारूक अब्दुल्ला धर्मनिरपेक्षता और दादरी कांड को लेकर पूछे जाने वाले सवालों का जवाब दे रहे थे। इस मामले में यह बात भी कही गई है कि धर्मनिरपेक्ष देश के तौर पर भारत में धर्मनिरपेक्षता की हत्या कर दी गई है। यह एक बड़ी विडंबना है। भारत के संविधान द्वारा अपने धर्म को मानने का अधिकार दिया गया है अर्थात् इसमें धर्मनिरपेक्षता की बात कही गई है। मगर भारत में किसी और के धर्म पर हमला करने का अधिकार किसी को नहीं दिया गया है। यहां धर्मनिरपेक्षता को स्वीकार किया गया है इसलिए भारत बचा हुआ है। 

उनका कहना था कि आरएसएस द्वारा देश में सांप्रदायिकता भड़काई जा रही है। उन्होंने दुआ की कि अल्लाह न करे यदि कहीं कुछ हो जाए तो भारत पर ही खतरा पैदा हो जाए। दिल्ली में सत्ता में बैठे गए लोगों को यह विचार करना होगा कि यह संगठन समृद्ध और अच्छा भारत चाहता है कि दंगों की आग में झुलसा भारत चाहता है। अब्दुल्ला द्वारा कहा गया कि वे इस बात की अपील करते हैं जिससे धर्मनिरपेक्ष भारत का निर्माण हो। इस तरह से विभिन्न धर्मों का सम्मान करने की जरूरत है। उन्होंने सभी से अपील की कि वे सभी धर्मों को समझने का प्रयास करें। 

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