निष्क्रिय रही पुलिस, आप ने की किसान को बचाने की कोशिश: कुमार विश्वास

By News Track
Apr 22 2015 05:33 PM
निष्क्रिय रही पुलिस, आप ने की किसान को बचाने की कोशिश: कुमार विश्वास
var zflag_nid="3952"; var zflag_cid="6"; var zflag_sid="0"; var zflag_width="468"; var zflag_height="60"; var zflag_sz="0"; style="text-align: justify;">नई दिल्ली : देश के किसान बड़े पैमाने पर आत्महत्या कर रहे हैं, विदर्भ का किसान आत्महत्या कर रहा है। कई ऐसे क्षेत्र हैं जहां लगातार आत्महत्याऐं हो रही हैं। यह समय राजनीति करने का नहीं है। राजनीतिक पार्टियों को किसानों की मांग को मान लिया जाना जरूरी है। एक किसान दम तोड़ता रहा और उसे कोई बचा नहीं पाया यह दुखद है, यह बात आम आदमी पार्टी के सदस्य कुमार विश्वास ने पत्रकारों से कही। दरअसल आम आदमी पार्टी के पदाधिकारी और कार्यकर्ता भूमि अधिग्रहण बिल के विरोध में आयोजित की गई रैली के दौरान किसान गजेंद्र की आत्महत्या को लेकर पत्रकारों को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा और कांग्रेस समेत सभी दलों से राजनीतिक सौहार्द के साथ किसान हित में निर्णय लेने की अपील की।
 
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के सदस्य श्री संजय ने किसान द्वारा फांसी लगाने की बात पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि इस मसले पर पुलिस पूरी तरह निष्क्रिय रही। आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने उसकी समस्या जानने और उसकी मदद करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसान की बातों को उठाने की जरूरत है, भू माफियाओं की बात को उठाने की जरूरत नहीं है। आप के कार्यकर्ता किसान का जीवन बचाने के लिए जो कर सकते थे उन्होंने किया। मगर भाजपा आप को असंवेदनशील कहना छोड़े। 

जब पटना में ब्लास्ट हो रहे थे तब भाजपा के नेताओं द्वारा रैलियां की जा रही थीं। उन्होंने कहा कि राजनीति के लिए राजनीति की बात करना अच्छा नहीं है। किसान की मौत को संजीदगी से लेकर आरोप प्रत्यारोप का खेल बंद करना चाहिए, इस दौरान आशुतोष गुप्ता ने कहा कि महाराष्ट्र में बड़े पैमाने पर आत्महत्या हुई है। राजस्थान के एक किसान ने दिल्ली में आत्महत्या की है। 

यह सब घटनाऐं किसान के प्रति रवैया समझ में आता है। इस मसले पर चर्चा नहीं होना चाहिए। आखिर क्यों। दिल्ली के मुख्यमंत्री की मौजूदगी के बाद भी एक भी पुलिसवाला पीडि़त किसान के पास नहीं गया मगर हमारे कार्यकर्ताओं ने उसे बचाने का प्रयास किया। आशुतोष ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
Disclaimer : The views, opinions, positions or strategies expressed by the authors and those providing comments are theirs alone, and do not necessarily reflect the views, opinions, positions or strategies of NTIPL, www.newstracklive.com or any employee thereof. NTIPL makes no representations as to accuracy, completeness, correctness, suitability, or validity of any information on this site and will not be liable for any errors, omissions, or delays in this information or any losses, injuries, or damages arising from its display or use.
NTIPL reserves the right to delete, edit, or alter in any manner it sees fit comments that it, in its sole discretion, deems to be obscene, offensive, defamatory, threatening, in violation of trademark, copyright or other laws, or is otherwise unacceptable.