करूणानिधि को मिली राहत
करूणानिधि को मिली राहत
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tyle="text-align:justify">चेन्नई : डीएमके प्रमुख करूणानिधि की मुश्किलें कुछ कम हो गई हैं। दरअसल करूणानिधि के विरूद्ध मौजूदा मुख्यमंत्री जे. जयललिता ने जो याचिका दायर की थी उसकी सुनवाई 10 मार्च तक स्थगित हो गई है। इस मामले की सुनवाई के दौरान पुलिस का कड़ा बंदोबस्त किया गया था। पुलिस और प्रशासन ने किसी भी तरह की अवांछित घटना को टालने के पूरे प्रबंध किए हुए थे। डीएमके के अभिभाषक भी वहां उपस्थित थे। हालांकि करूणा निधि को जेड श्रेणी की सुरक्षा उपलब्ध करवाई गई है। मगर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।

उल्लेखनीय है कि करूणानिधि का यह मामला ऐसे कई मामलों में से एक है जो जयललिता द्वारा उन पर आरोपित किए गए हैं। करूणा निधि व्हीलचेयर पर बैठकर न्यायालय के सामने पेश होते हैं। न्यायालय अपनी सुनवाई के दौरान उनकी उम्र का भी ध्यान रखता है। उल्लेखनीय है कि उनकी आयु 90 वर्ष है। करूणानिधि के बेटे और पार्टी के कोषाध्यक्ष एमके स्टालिन, उनकी पुत्री और राज्यसभा सदस्य कनिमोई, आरकोट वीरासामी, रिश्तेदार दयानिधि मारन और दयानिधि मारन और टीआर बालू समेत डीएमके के कई नेता मौजूद थे।

उल्लेखनीय है कि डीएमके के मुखपत्र मुरासोली में प्रकाशित एक लेख को लेकर करूणानिधि को न्यायालय में प्रस्तुत किए जाने का आदेश दिया गया था।जिसमें मुख्य सत्र न्यायाधीश आदिनाथ ने न्यायालय में प्रस्तुत होने के निर्देश दिए। इस मामले में पत्र के संपादक, मुद्रक और प्रकाशक एस सेल्वम को भी पेश होने के निर्देश दिए थे। 

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