भारत को चिंता करने की जरुरत नहीं, हमारी नीति रक्षात्मक है

शंघाई : शंघाई नेवल गैरिसन के चीफ ऑफ स्टाफ वरिष्ठ कैप्टन वी जियाओ डोंग ने कहा है कि भारत को चिंतित व परेशान होने की कोई जरूरत नही है और उसे चीनी नौसेना के पोत या पनडुब्बी का पाकिस्तान जैसे देशों का दौरा करने पर भी चिंतित नहीं होना चाहिए. वी ने चीन का दौरा कर रहे भारतीय पत्रकारों से कहा, 'चीन का आधिपत्य या फिर से क्षेत्र में सैन्य ताकत बनाने की कोई नीति नहीं रही है. हमारी नीति रक्षात्मक रही है.  तथा हम हमारे पड़ोसी देश भारत से दोस्ताना संबंध स्थापित करना चाहते है. उन्होंने कहा कि पोत का पाकिस्तान जैसे देशों का दौरा करना सामान्य नहीं होता. वी ने कहा, 'मैं 1987 से ही नौसेना में हूं और हिंद महासागर में कभी युद्ध पोत लेकर नहीं गया.' वी ने इस बात पर जोर दिया कि चीन के लिए भारत को समुद्री क्षेत्र से घेरना संभव नहीं होगा. 

उन्होंने कहा कि पाकिस्तान दौरा भारत में चिंता का विषय माना जाता है, लेकिन चीन ने भारत के साथ भी सहयोग बढ़ाया है. शंघाई नेवल गैरिसन के चीफ ऑफ स्टाफ वरिष्ठ कैप्टन वी जियाओ डोंग ने कहा की आप 'इसे दूसरे तरीके से देखिए, क्या हमें पाकिस्तान का दौरा कम कर भारत का दौरा बढ़ाना चाहिए. ऐसी स्थिति में क्या पाकिस्तान भी हमारे भारत के दौरे पर चिंतित होगा?' वी ने आगे कहा की दोनों देशो के साथ संबंध सिर्फ द्विपक्षीय स्तर पर हैं. वी ने कहा कि शंघाई में उन्होंने अधिकारियों से आतंकवादरोधी बल के रूप में काम करने और शांति और सौहार्द बनाने के निर्देश दिए हैं. 

उन्होंने कहा कि वे किसी आतंकवाद संबंधी हमले का शिकार नहीं हुए हैं, लेकिन उन्होंने ऐसी घटना पर प्रतिक्रिया देने के लिए दुनिया भर से जानकारियां जुटाई हैं. वह उस सवाल का जवाब दे रहे थे, जिसमें पूछा गया था कि क्या जिस तरह साल 2008 में आतंकवादी कराची से नाव पर सवार होकर मुंबई में घुस आए थे, तो क्या उन्हें चीन के लिए भी ऐसा खतरा महसूस होता है. तथा वी ने इन बातो का खंडन किया है व भारत के साथ दोस्ताना संबंध दोहराने की बात कही है.

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