फ्लोर टेस्ट से पहले रावत घिरे एक और स्टिंग के वीडियो में

देहरादून : उत्तराखंड में सरकार गठन का फैसला भले ही शक्ति परीक्षण पर आधारित हो, लेकिन इससे पहले हरीश रावत सरकार के भाग्य का फैसला स्टिंग से जुड़ी सीडी कर सकती है। फ्लोर टेस्ट से पहले कांग्रेस और रावत सरकार एक नई स्टिंग के चक्रव्यूह में फंस गई है। इस मामले को लेकर रविवार की शाम को बीजेपी के नेता राज्यपाल के के पॉल से मिलने पहुंचे। बीजेपी नेताओं ने राज्यपाल को स्टिंग की सीडी सौंपी।

10 मई को होने वाले फ्लोर टेस्ट को ध्यान में रखकर कांग्रेस और बीजेपी ने अपरने नेताओं को व्हिप जारी किया है। बीजेपी के अध्यक्ष अजय भट्ट के नेतृत्व में राजभवन पहुंचे नेताओं ने कार्रवाई की मांग की। इस नई सीडी में कांग्रेस नेता मदन सिंह बिष्ट ये होलते दिख रहे है कि हरीश रावत ने 12 विधायकों को 25-25 लाख रुपए दिए है। उतराखंड में बीजेपी के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय भी देहरादून पहुंच गए है और पार्टी के नेताओं को तलब कर दिया है।

लेकिन अंतिम फैसला नैनीताल हाइकोर्ट के निर्णय पर ही टिकी हुई है, क्यों कि सोमवार को कोर्ट बागी नेताओं के खिलाफ फैसला सुनाने वाली है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल कांग्रेस इस कोशिश में है कि कांग्रेस से बागी हुए विधायक किसी भी तरह से अपना फैसला बदलकर वापस अपने कुनबे में शामिल हो जाए।

बीजेपी को लगता है कि सरकार उसकी ही बनेगी और हरीश रावत टेस्ट में फेल होंगे, लेकिन कैसे? इसका तो फिलहाल कुछ पता नहीं है। बीजेपी नेता भगत सिंह कोशियारी ने तो दावा कर दिया है कि मुख्यमंत्री बीजेपी का होगा, लेकिन कौन ये शायद वो भी नहीं जानते।

शायद यही कारण है कि वह धीरे से ही सही पत्रकारों से कह गए कि जिसे आप चाहेंगे वही बनेगा। दूसरी ओर सोमवार को सदन में उतराखंड का बजट पास ममकरने पर चर्चा हो सकती है। ऐसे में सभी जहां अपना-अपना पक्ष रखेंगे, तो वहीं राज्य के भविष्य का फैसला दो रातों पर टिकी हुई है।

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