गौमांस के निर्यात पर नजर रखने के लिए लगेंगी लैब

Oct 07 2015 12:34 AM
गौमांस के निर्यात पर नजर रखने के लिए लगेंगी लैब

नई दिल्ली : सरकार ने देश से गौमांस के अवैध निर्यात पर निगरानी करने के लिए बंदरगाहों पर जांच प्रयोगशालाएं स्थापित करने का फैसला लिया है। मालूम हो की यह घोषणा ऐसे समय हुई है जब उत्तर प्रदेश के दादरी में गौमांस खाने की अफवाह फैलने पर भीड़ द्वारा एक व्यक्ति की हत्या किये जाने के बाद वाद-विवाद चरम पर है।

केन्द्रीय कृषि राज्यमंत्री संजीव कुमार बाल्यान ने गौमांस के अवैध निर्यात पर हुई समीक्षा बैठक के बाद इस फैसले के बारे में जानकारी दी। बैठक में कृषि उत्पाद निर्यात संवर्धन एजेंसी एपीडा और खाद्य प्रसंस्करण एवं कषि मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। बाल्यान ने बैठक के बाद पत्रकारों से कहा कि एपीडा के अधिकारियों ने बताया कि गौमांस का कोई अवैध निर्यात नहीं हो रहा है क्योंकि इसके उत्पादन और निर्यात की कड़ाई से निगरानी की जाती है। यह काम मीटनेट नाम के एक साफ्टवेयर के जरिए किया जाता है। फिर भी बंदरगाहों पर जांच प्रयोगशालाएं लगाने का यह फैसला किया गया है ताकि गौमांस का अवैध निर्यात न हो सके।

उन्होंने कहा कि मांस का ज्यादातर निर्यात मुंबई बंदरगाह के जरिये किया जाता है। मंत्री ने कहा कि इस साल अप्रैल से अगस्त की अवधि के दौरान भैंस के मांस का निर्यात 14.7 प्रतिशत घटकर 148.3 करोड़ डॉलर रह गया। सॉफ्टवेयर के जरिये निर्यात की जाने वाली खेप की कड़ाई से जांच की वजह से यह संभव हुआ है। उन्होंने कहा कि भैंस मांस का निर्यात एपीडा के पंजीकृत 49 बूचड़खानों द्वारा किया जाता है जिसमें से 20 उत्तर प्रदेश में हैं। देश में 1,696 बूचड़खाने हैं इसमें से अधिकांश 316 बूचड़खाने महाराष्ट्र में हैं जिसके बाद 285 उत्तर प्रदेश में और 185 बूचड़खाने तेलंगाना में हैं। देश से गाय के मांस के निर्यात पर रोक लगी है।

गौहत्या पर एक आदर्श कानून लाने की केन्द्र की योजना के बारे में पूछे जाने पर बाल्यान ने कहा कि मुझे ऐसे किसी प्रस्ताव की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि केन्द्र अवैध गौवध को नियंत्रित नहीं कर सकती क्योंकि यह मामला राज्य सरकारों के विषय के तहत आता है। वर्तमान में पांच राज्यों और एक संघ शासित प्रदेश - अरुणाचल प्रदेश, केरल, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड और लक्षद्वीप में गौवध पर प्रतिबंध लगाने के बारे में कोई कानून नहीं है। दूसरी तरफ गुजरात, छत्तीसगढ़, दमन और दीव, हरियाणा, गोवा, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश में राज्य के भीतर और बाहर गौमांस को लाने ले जाने पर पूरी तरह से रोक है।