अंबेडकर जयंती पर उनके जन्मस्थल पर पहुंची लोगो की भीड़

Apr 16 2015 04:03 AM
अंबेडकर जयंती पर उनके जन्मस्थल पर पहुंची लोगो की भीड़
मध्यप्रदेश/इंदौर : संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अम्बेडकर की 124वीं जयंती उनके गृह राज्य मध्य प्रदेश में श्रद्घा, सद्भाव और उत्साह के साथ मनाई जा रही है। डॉ. अम्बेडकर की जन्मस्थली महू में अम्बेडकर महाकुंभ का आयोजन किया गया है, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने का सिलसिला जारी है। राजधानी भोपाल सहित राज्य के विभिन्न स्थानों पर मंगलवार की सुबह डॉ. अम्बेडकर की प्रतिमा का माल्यार्पण किया गया। बाबासाहेब के सम्मान में विभिन्न स्थानों पर विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाने का दौर जारी है।
 
इस अवसर पर उनकी जन्म स्थली महू में विशेष कार्यक्रम का आयोजन हो रहा है। इस आयोजन में हिस्सा लेने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से डॉ. अम्बेडकर के अनुयायी यहां पहुंच रहे हैं। राजनीतिक दलों से जुड़े लोगों का भी यहां पर जमावड़ा लगा हुआ है। महू में डॉ. अम्बेडकर स्मारक परिसर में मंगलवार की सुबह से ही 'जय भीम' के नारे गूंज रहे हैं। यहां पहुंच रहे अनुयायी बाबासाहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण और श्रद्घा सुमन अर्पित कर उन्हें याद कर रहे हैं। इस आयोजन में हिस्सा लेने राज्य के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह समेत कई बड़े नेता पहुंचे। 
 
मालूम हो कि डॉ. अम्बेडकर की जन्म स्थली महू में लगभग साढ़े नौ करोड़ रुपये की लागत से स्मारक बनाया गया है। यहां आने वालों को बेहतर सुविधा मुहैया कराने के लिए राज्य सरकार की ओर से विशेष इंतजाम किए गए हैं। यहां ठहरने, खाने से लेकर सुरक्षा तक के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह ने बाबासाहेब की जयंती पर जारी अपने बधाई संदेश में कहा कि समतामूलक समाज की स्थापना डॉ. अम्बेडकर के आदर्शो और सिद्धांतों को अमल में लाकर ही हो सकती है। उन्होंने प्रदेशवासियों से सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए सरकार के प्रयासों में सहयोग देने का आग्रह किया।
 
राज्य के राज्यपाल राम नरेश यादव ने डॉ. अम्बेडकर की जयंती पर प्रदेशवासियों को दिए अपने संदेश में कहा कि डॉ. अम्बेडकर कुशल विधिवेत्ता और भारतीय संविधान के निर्माताओं में से एक थे। वे सभी वर्गो के उत्थान और समान अधिकार को प्राथमिकता देते थे। राज्यपाल ने लोगों से बाबासाहेब के आदर्शो को आत्मसात कर देश एवं प्रदेश में समरसता और सौहार्द का वातावरण मजबूत करने का आह्वान किया।