अमेरिका और यूरोप में जल्द शुरू होंगी सभी सुविधाएं, लॉकडाउन को लेकर आ सजता है बड़ा फैसला

वाशिंगटन: दुनियाभर में बढ़ता जा रहा कोरोना का कहर आज थमने का नाम ही नहीं ले रहा है, हर दिन इस वायरस की चपेट में आने से ना जाने ऐसे कितने लोग है जो अपनी जान खो रहे है. इतना ही नहीं इस वायरस के कारण आज पूरी दुनिया में महामारी भी बढ़ती जा रही है, जिसकी वजह से लोगों के घरों में खाने की किल्लत और भी बढ़ती जा रही है, हजारों मासूम जिंदगियां तबाही की कगार पर आ चुका है. वहीँ यदि हम बात कारण दुनियाभर में मौत के आंकड़ों की तो अब तक 3 लाख 16 हजार से अधिक मौते हो चुकी है. वहीं कोरोना महामारी की वजह से दुनियाभर में लगे लॉकडाउन में कई देशों ने कुछ शर्तों के साथ ढील देनी शुरू कर दी है. हालांकि डब्ल्यूएचओ समेत कई विशेषज्ञों ने इसे लेकर चेताया है और सावधानी बरतने की बात की है, लेकिन अर्थव्यवस्था और लोगों की समस्याओं को देखते हुए सरकारों ने जोखिम उठाने का फैसला किया है.

अमेरिका और यूरोपीय देशों के कई नेताओं का मानना है कि कोरोना की वैक्सीन बनने में लंबा वक्त लग जाएगा. यहां तक की कई साल भी लग सकते हैं. ऐसे में कुछ देशों की सरकारों ने अपने नागरिकों को स्पष्ट रूप से कहा है कि दुनिया को कोरोनो वायरस के साथ रहने के लिए आदत डाल लेनी चाहिए और एक वैक्सीन द्वारा जिंदगी को बचाए जाने का इंतजार नहीं करना चाहिए.

दिसंबर से चीन के वुहान से फैली इस महामारी ने दुनियाभर में अब तक 47 लाख से अधिक लोगों को संक्रमित किया है और तीन लाख से अधिक लोगों की जान ले चुकी है. इस वैश्विक महामारी की वजह से अमेरिका समेत दुनिया के लगभग 200 से अधिक मुल्कों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है, लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ा है, साथ ही जानमाल का भी भारी नुकसान हुआ है. यही कारण है कि पांच महीने के अंतराल के बाद अब अलग-अलग देशों की सरकारों ने लॉकडाउन में ढील देने के साथ ही बाजार और व्यवसायों को फिर से खोलने का फैसला किया है और लोगों के सावधानी बरतने के साथ इसका आदी बनने के लिए कहा है.

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