दक्षिण एशियाई देशों की कमर तोड़ देगा लॉकडाउन, वर्ल्ड बैंक ने की खौफनाक भविष्यवाणी

वाशिंगटन: कोरोना महामारी आने वाले वक़्त में दक्षिणी एशिया के लिए बहुत बड़ा खतरा बनकर उभरने वाला है. क्योंकि इस बीमारी से निकलने के बाद दक्षिणी एशिया के सभी देशों के समक्ष गरीबी से लड़ने की चुनौती होगी. विश्व बैंक ने रविवार को एक रिपोर्ट जारी करते हुए सभी देशों से आर्थिक विकास की दिशा में सकारात्मक कदम उठाने की अपील की है.

बैंक ने कहा है कि दक्षिणी एशिया के सभी देशों को स्वास्थ्य आपातकाल से निपटने के लिए तेजी से कार्य  करना होगा. विशेषकर समाज के गरीब और बुजुर्गों (बुजुर्गों में संक्रमण का खतरा सबसे ज्यादा है) के बचाव लिए जल्द से जल्द अहम् फैसले लेने होंगे.  साथ ही आने वाले समय में आर्थिक रिकवरी के लिए आवश्यक फैसलों पर भी मंथन करना होगा. वर्ल्ड बैंक की हालिया रिपोर्ट 'साउथ एशिया इकोनॉमिक फोकस' ने आठ देशों में आर्थिक गिरावट का अनुमान जाहिर किया है.

इसके पीछे का कारण है आर्थिक क्रियाकलापों में ठहराव, व्यापार का ठप्प होना, फाइनेंशियल और बैंकिंग सेक्टर पर भारी बोझ. वर्ल्ड बैंक की रिपोर्ट के अनुसार 2020 में क्षेत्र की विकास दर 1.8% से 2.8% के मध्य रहेगी. ताजा रिपोर्ट छह माह पहले के उस अनुमान से अलग है जिसमें विकास दर 6.3 फीसद रहने की बात कही गई थी. रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण एशिया 40 वर्षों में पहली दफा इतनी खराब विकास दर का सामना करेगा. इतना ही नहीं रिपोर्ट में इस बात की चेतावनी भी दी गई है कि लॉकडाउन यदि आगे भी जारी रहा तो आने वाले दिनों में विकास दर निगेटिव में जा सकती है. यानी कि जीरो से भी नीचे.

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