दुष्कर्म पीड़िता ने आरोपी के पक्ष में दी गवाही लेकिन फिर भी मिली दस वर्ष की कैद

आजकल आ रहे अपराध के किस्से सभी को हैरान करने वाले हैं. ऐसे में जो मामला हाल ही में सामने आया है वह औरैया जिले का है. जहाँ अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो) राजेश चौधरी ने बेला थाना क्षेत्र से एक नाबालिग छात्रा को बहला फुसला कर ले जाने व दुष्कर्म करने के दोषी एक युवक को दस वर्ष की सजा सुना दी है. इस मामले में उसे 26 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित भी किया गया है.

खबरों के मुताबिक इस मामले में पीड़िता द्वारा आरोपी को बचाने के लिए उसके पक्ष में गवाही देने के बावजूद आरोपी सजा से बच नहीं सकें और अभियोजन की ओर से पैरवी कर रहे अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर ने बताया कि, ''पीड़िता के पिता ने बेला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि एक नवंबर 2013 को उसकी 14 वर्षीय पुत्री याकूबपुर विद्यालय में पढ़ने गई थी और वहां से गांव जलालपुर निवासी सूर्यकांत पुत्र मोहर सिंह उसे बहला फुसलाकर भगा ले गया था. पुलिस उसकी पुत्री को करीब एक महीने बाद खोज सकी.'' इस मामले में पुलिस का कहना है कि, ''आरोपी ने एक महीने तक उसे अपने साथ रखा और बलात्कार किया और आरोप पत्र दाखिल करने के बाद यह मामला अपर सत्र न्यायाधीश (विशेष न्यायाधीश पाक्सो) राजेश चौधरी की अदालत में चला.''

वहीं पीड़िता ने कोर्ट में यह गवाही दी वह आरोपी के साथ अपनी मर्जी से गई थी सूर्यकांत ने जबरन कुछ नहीं किया. इस मामले में घटना के समय पीड़िता की उम्र 16 वर्ष से कम थी इस कारण से अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र सिंह तोमर ने पीड़िता की गवाही पर आरोपी को फायदा न देने व कठोर दंड देने की बहस की. वहीं अभियोजन व बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद न्यायाधीश राजेश चौधरी ने सूर्यकांत निवासी जलालपुर को अपहरण व बलात्कार का दोषी माना और दस वर्ष के कठोर कारावास व 26 हजार अर्थदंड की सजा दे दी है.

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