आय से अधिक संपत्ति मामले में नवाज़ शरीफ दोषी करार, अदालत ने सुनाई 7 साल की सजा

इस्लामाबाद: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज़ शरीफ़ को भ्रष्टाचार निरोधी कोर्ट ने अल-अज़ीज़िया स्टील मिल्स केस में सात साल जेल की सज़ा सुनाई है. हालाँकि फ़्लैगशिप इन्वेस्टमेंट केस में एक अन्य कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ को बरी कर दिया है. अदालत के फ़ैसले से एक दिन पहले ही रविवार को नवाज़ शरीफ़ को लाहौर से इस्लामाबाद लाया गया था. नेशनल काउंटिबिलिटी अदालत ने खचाखच भरे कोर्टरूम में ये फ़ैसला सुनाया है. 

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अदालत ने आय से अधिक संपत्ति मामले में सुनवाई करते हुए नवाज़ को दोषी पाया है. कोर्ट ने नवाज़ को विदेशों में घोषित आय से अधिक निवेश करने में दोषी करार दिया है. इससे पहले, पूर्व सत्तारूढ़ पार्टी पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज़) ने चेतावनी दी थी कि अगर उनके नेता नवाज़ शरीफ़ को फिर से जेल की सजा सुनाई गई तो पार्टी कार्यकर्ता बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करेंगे और संसद भी ठप्प कर देंगे.

मिस्त्र में मिला 4400 साल पुराना मकबरा, पुरातत्व विभाग को मिली कई रहस्यमई वस्तुएं   आपको बता दें कि अदालत में नवाज़ शरीफ़ का परिवार भ्रष्टाचार के कई मामलों का सामना कर रहा है. इसमें मनी लॉन्डरिंग, टैक्स चोरी और विदेशों में अघोषित संपत्ति निवेश करने से जुड़े मामले शामिल हैं.  इससे पहले जुलाई 2018 में एनएबी जज मोहम्मद बशीर ने नवाज़ शरीफ़, उनकी बेटी मरियम और दामाद मोहम्मद सफदर को सज़ा सुनाई थी. कोर्ट ने नवाज़ शरीफ़ को दस साल, मरियम नवाज़ को सात साल जेल की सज़ा सुनाई थी. साथ ही मरियम नवाज़ पर बीस लाख पाउंड (लगभग पौने दो करोड़ भारतीय रुपए) का जुर्माना भी लगाया गया था. हालांकि, 19 सिंतबर को इस्लामाबाद उच्च न्यायलय ने तीनों की सज़ा को निलंबित करते हुए उन्हें ज़मानत पर छोड़ दिया था. 

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