कोरोना: मुंबई से भी मिली 'हर्ड इम्युनिटी' वाली खुशखबरी, पहले दिल्ली ने दी थी गुड न्यूज़

मुंबई: सीरो सर्वे में पाया गया कि भिवंडी और ठाणे में ऐंटीबॉडी टेस्ट का सबसे अधिक पॉजिटिविटी रेट 47.1 प्रतिशत है। मुंबई में 5485 लोगों का टेस्ट किया गया, इनमें से 1,501 लोग, यानी 27.3 फीसदी में कोरोना वायरस की ऐंटीबॉडी पाई गई है। मुंबई में हुए सीरो सर्वे में कहा गया कि यहां तीन निकाय वॉर्डों की झुग्गी-झोपड़ियों में रहने वाली 57 फीसदी आबादी और झुग्गी इलाकों से अलग रहनेवाले 16 फीसदी लोगों के शरीर में ऐंटीबॉडी (Herd Immunity) विकसित हो गई हैं। 

इससे संकेत मिलते हैं कि कोरोना महामारी के आधिकारिक आंकड़ों से कहीं अधिक लोग पहले ही इस वायरस से संक्रमित हो चुके हैं। BMC ने जानकारी देते हुए बताया कि यह नतीजे हर्ड इम्युनिटी के बारे में और अधिक जानकारी हासिल करने में अहम है। BMC ने कहा कि इस बारे में दूसरा सर्वे होगा जो कि वायरस के प्रसार और हर्ड इम्युनिटी डेवलप हुई या नहीं इस पर जांच करेगा। यह सीरो सर्वे नीति आयोग, BMC और टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है।

जब कोरोना वायरस महामारी चीन से निकलकर विश्व के बाकी हिस्‍सों में फैलना आरंभ हुई, तो यूनाइटेड किंगडम हर्ड इम्‍यूनिटी विकसित करने के पक्ष में था। एक रणनीति यह थी कि 60 फीसदी जनसंख्या को कोरोना होने दिया जाए ताकि हर्ड इम्‍युनिटी प्राप्त की जा सके। हालांकि बाद में इसे खारिज कर दिया गया था। अब स्‍पेन का डेटा स्पष्ट दिखाता है कि कम्‍युनिटी ट्रांसमिशन वाले देश में सिर्फ 5% आबादी ही ऐंटीबॉडीज विकसित कर पाई है। यानी हर्ड इम्‍युनिटी की संभावना दूर-दूर तक नहीं है। 

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