मैगी के लिए अवसर साबित हुआ कोरोना लॉक डाउन, 25 प्रतिसत बढ़ा उत्पादन

नई दिल्ली: बीते कई महीनों से जारी लॉकडाउन और अब अनलॉक-1 जहां कई इंडस्ट्री-कारोबार के लिए बेहद नुकसानदेह साबित हुआ है, वहीं कुछ के लिए यह आपदा में अवसर जैसा साबित हुआ है. तालाबंदी के बीच तो इन्सटेंट नूडल्स मैगी के लिए जमकर मारामारी रही. कोरोना वायरस के कहर से पहले के दौर की तुलना में इस बीमारी के आने और इसके बाद लॉकडाउन के दौर में मैगी की बिक्री में 25 प्रतिशत की भारी बढ़त हुई है.

असल में खाने-पीने के ठीहे, होटल-रेस्टोरेंट सभी बंद होने के कारण बहुत से लोगों के लिए मैगी तत्काल नाश्ते का एकमात्र विकल्प बच गया था. बहुत से दुकानदारों ने तो 1.68 किलोग्राम वाले पैक का भंडारण कर लिया क्योंकि छोटे पैकेट मिलने में काफी कठिनाई आ रही थी. इस बड़े पैकेट में 24 मैगी नूडल्स केक होते हैं. लॉकडाउन के बीच उपभोक्ताओं ने भी स्टॉक खत्म होने के भय से इसका जमकर भंडारण करना आरम्भ कर दिया.

मैगी ब्रैंड के उत्पाद बेचने वाली कंपनी नेस्ले इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर सुरेश नारायण ने जानकारी देते हुए बताया कि लॉकडाउन के बीच कंपनी को अपने सभी पांचों कारखानों में मैगी का उत्पादन बहुत तेजी से करना पड़ा. करीब 12,000 करोड़ रुपये के कारोबार वाली नेस्ले इंडिया के प्रमुख ने कहा कि कंपनी ने अपने सभी फैक्ट्रीज में काम बढ़ा दिया था. देश में हेल्दी ईटिंग के बढ़ते चलन के बाद भी मैगी की लोकप्रियता कम नहीं हो रही.

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