17 मजदूर साइकिल से निकले घर की ओर, करना होगा हजारों किलोमीटर का सफर तय

देशव्यापी लॉकडाउन की सबसे ज्यादा मार प्रवासी मजदूरों पर पड़ी है. लॉकडाउन में कामकाज ठप होने के बाद प्रवासी मजदूर अपने घर जाने को मजबूर हैं. ऐसे ही मध्य प्रदेश के रीवा में 17 मजदूरों का एक समूह हजारों किलोमीटर दूर अपने घर साइकिल से जाने को मजबूर है. पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर जिले के रहने वाले मजदूर मध्य प्रदेश में काम करते थे. लॉकडाउन में काम न मिलने के कारण अब ये सभी मजदूर अपने घर को साइकिल से ही चल दिए हैं. 17 मजदूरों के समूह में एक मजदूर ने बताया 'हमने सतना के मैहर से कल सुबह अपनी यात्रा शुरू की और अगले 6-7 दिनों में घर पहुंचने की उम्मीद है.' 

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इस समय मध्य प्रदेश में कोरोना के मामलों में तेजी से बढ़ोत्तरी हो रही है. मध्य प्रदेश का इंदौर शहर राज्य में कोरोना वायरस का हॉटस्पॉट बना हुआ है. मध्य प्रदेश में अब तक कोरोना के कुल संक्रमितों की संख्या 1952 हो गई है, जिसमें 210 लोगों को इलाज के बाद अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है. वहीं, राज्य में कोरोना से अब तक 92 लोगों की मौत हो चुकी है.

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आपकी जानकारी के लिए बता दे कि यह सिर्फ मध्य प्रदेश ही नहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब समेत अन्य शहरों में फंसे मजदूर पैदल, ट्रक, साइकिल, रिक्शा से अपने घर पहुंचे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 24 मार्च को 21 दिन के लॉकडाउन की घोषणा के बाद सभी मजूदर सड़कों पर निकल आए थे. शहरों में कामकाज बंद होने के बाद सभी मजदूरों को घर जाने की जल्दी थी. वहीं, दूसरी बार लॉकडाउन की तिथि को आगे बढ़ाए जाने के बाद एक बार फिर प्रवासी मजदूर अपने घर जाने को विवश हैं.

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