इस राज्य में ड्राइवरों को सौंपा गड्ढे गिनने का काम

लखनऊ: उत्तर प्रदेश से एक बड़ी खबर सामने आई है यहाँ किस रूट पर कितनी सड़कें खराब हैं, गड्ढों में पैचवर्क हुआ या नहीं, अब इसकी गिनती रोडवेज बसों के ड्राइवर भी करेंगे। चालक प्रतिदिन की रिपोर्ट परिवहन अफसर को देंगे तथा अधिकारी 25 नवंबर तक की पूरी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजे देंगे। रोडवेज प्रबंधक ने पूरा खाका तैयार कर लिया है। शासन ने 30 नवंबर तक हर हाल में पूरे राज्य में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के निर्देश दिए हैं। क्रॉस चेकिंग इसलिए हो रही है जिससे पीडब्ल्यूडी एवं हाईवे विंग के दावों की सच्चाई भी सामने आए सके। 

उत्तर प्रदेश रोडवेज प्रबंधन ने कानपुर समेत सभी रीजनों के चालकों को निर्देश दिए हैं कि बस चलाते समय अपने-अपने रूट पर गड्ढों का भी आकलन करते चलें। ऐसा 25 नवंबर तक करना है। रोज वापसी के पश्चात् संबंधित डिपो के एआरएम को यथास्थिति की रिपोर्ट देनी होगी जिससे पता चल सके कि किस रूट की सड़क कितनी खराब है। शासन का मानना है कि इस पहल से न केवल सड़क की पूरी स्थिति सामने आ सकेगी, बल्कि मेंटीनेंस के नाम पर जिम्मेदार एजेंसी या विभाग खेल भी नहीं कर सकेंगे।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की सड़कों को हरहाल में 30 नवंबर तक गड्ढामुक्त करने का आदेश दिया है। लोक निर्माण विभाग हो या फिर हाईवे विंग, जर्जर सड़कों पर पैचवर्क तेजी से कराया जा रहा है। इस के चलते कहीं भी गड्ढे छूटे न रह जाएं, इसलिए पहली बार रोडवेज चालकों की सहायता ली जा रही है। 

- 91 प्रतिशत सड़कें कानपुर परिक्षेत्र में गड्ढामुक्त करने का पीडब्ल्यूडी का दावा - 30 नवंबर तक शासन ने हर स्थिति में राज्य में सड़कों को गड्ढामुक्त करने के दिए हैं निर्देश - रोडवेज बसों के चालक 25 नवंबर तक रोज देंगे रूट पर सड़कों की स्थिति की रिपोर्ट - पीडब्ल्यूडी एवं हाईवे विंग के दावों को लेकर शासन की तरफ से कराई जा रही क्रॉस चेकिंग  - झांसी, बांदा, लखनऊ, प्रयागराज एवं कन्नौज रूट पर जानलेवा गड्ढे, विभाग ने कहा-बहुत कम

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