शिवराज सरकार चीन से मप्र आने वाली कंपनियों के लिए बनाएगी विशेष नीति

देशभर में कोरोना की रोकथाम के लिए लॉकडाउन की अवधी को बढ़ाया गया है. वहीं, कोरोना संकट के वजह से ठप हुई आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने के लिए औद्योगिक निवेश को आकर्षित करने की कोशिशें शिवराज सरकार ने शुरू कर दी हैं. इसी कड़ी में गुरुवार को प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारियों ने अमेरिका की बड़ी कंपनियों के उच्च अधिकारियों से वेबिनार के माध्यम से बात की. इस दौरान यह भी भरोसा दिलाया गया कि जो कंपनी चीन से पलायन करके मध्य प्रदेश में अपनी इकाई स्थापित करेगी, उनके लिए अलग नीति बनाई जाएगी और विशेष पैकेज भी दिया जाएगा.

दरअसल अमेरिका की जो कंपनियां प्रदेश आना चाहती है, उनको भी सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. कोरोना संकट के कारण प्रदेश की अर्थव्यवस्था पटरी से उतर गई है. इसे फिर से खड़ा करने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना संकट को अवसर के तौर पर देखते हुए अधिकारियों को अधिक से अधिक निवेश आकर्षित करने के निर्देश दे दिए हैं.

बता दें की इसके मद्देनजर वाणिज्यिक कर विभाग के अपर मुख्य सचिव आईसीपी केशरी और उद्योग विभाग के प्रमुख सचिव डॉ.राजेश राजौरा ने यूएस-इंडिया स्ट्रेटजी पार्टनरशिप फोरम के माध्यम से पेप्सी, केटरपिलर, क्युमिंस, वेरियन मेडिकल, नाइकी, वालमार्ट सहित अन्य कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ चर्चा की है . इस दौरान प्रमुख सचिव डॉ.राजौरा ने कंपनियों के अधिकारियों को इस बारें में बताया कि मध्य प्रदेश में उद्योगों के अनुकूल माहौल है. भविष्य में जो भी अमेरिका की कंपनियां विश्व के किसी भी भाग से भारत आना चाहती है तो मध्य प्रदेश उनको जरूरत के अनुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. जो उद्योग चीन से पलायन करके मध्य प्रदेश में अपनी इकाइयां स्थापित करेंगे, उनके लिए शासन अलग नीति बनाएगा. इसके साथ ही विशेष पैकेज भी दिया जाएगा. इस पर काम चल रहा है.

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