आंतरिक मामलों में इन देशों के हस्तकक्षेप पर भड़का भारत

मंगलवार को भारत ने चीन और पाकिस्तान के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र पर जमकर आलोचना की है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने कहा कि हम दूसरे देशों से उम्मीद करते हैं कि वे हमारे आंतरिक मामलों पर टिप्पणी न करें और हमारी संप्रभुता का सम्मान करें. चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग और पाकिस्तान के उनके समकक्ष आरिफ अल्वी के बीच मंगलवार को बीजिंग में हुई वार्ता के दौरान कश्मीर मुद्दा उठा.

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अपने बयान में चीन ने कहा कि उसकी मौजूदा हालात पर पैनी नजर है.चीन के विदेश मंत्रालय की वेबसाइट पर जारी एक संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने जम्मू-कश्मीर के हालात पर चर्चा की. पाकिस्तानी पक्ष ने अपनी चिंताओं, रुख और मौजूदा अत्यावश्क मुद्दों समेत ताजा घटनाक्रमों से चीनी पक्ष को अवगत कराया. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए रवीश कुमार ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और इससे संबंधित मुद्दे देश के आंतरिक मामले हैं.

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इसके अलावा रवीश कुमार ने कहा कि हम पाकिस्तान के राष्ट्रपति की हालिया चीन यात्रा के बाद जारी पाकिस्तान और चीन के संयुक्त बयान में जम्मू-कश्मीर के जिक्र को खारिज करते हैं. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा कि हम चीन समेत अन्य देशों से उम्मीद करते हैं कि वे भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी न करें और इसकी संप्रभुता एवं अखंडता का सम्मान करें सा​थ ही उन्होंने कहा कि 1947 के बाद से अवैध रूप से पाकिस्तान के कब्जे वाले भारत के इलाके में तथाकथित अवैध 'चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा' परियोजना को लेकर भारत चीन और पाकिस्तान दोनों से अपनी चिंताओं को मजबूती से दोहराना चाहेगा.

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