एमपी के इस जिले से हर साल लापता होते है कई बच्चे, शुरू किया जाएगा विशेष अभियान

अशोकनगर: देश में नाबालिग बालक-बालिकाओं के लापता होनी की खबरे आय दिन सामने आती रहती है. वहीं मध्य प्रदेश के अशोकनगर से भी नाबालिग बालक-बालिकाओं के लापता होने के हर साल कई मामले सामने आते रहते हैं, लेकिन इन मामलों में कई बालक-बालिकाएं ऐसे भी हैं जिनकी 18 वर्ष से कम आयु के होने के वजह से जिले के विभिन्न थानों में अपहरण के मामले दर्ज होते हैं. किन्तु उनका आज तक पता नहीं चल पाया है. ऐसे बच्चों का पता लगाने के लिए जिले में जुलाई माह में विशेष अभियान शुरुआत की जा रही है. जिले की सभी थानों की पुलिस को निर्देश दे दिए है कि उनके यहां जितने भी बच्चे अब तक लापता हुए हैं उनकी सारी जानकारी जुटाई जाए. हालांकि 2013 से अब तक 49 बच्चे ऐसे हैं जिनका आज तक पता नहीं चल पाया है.

इस संबंध में पुलिस अधीक्षक रघुवंश भदौरिया ने बताया कि जिले के विभिन्न थानों में पिपरई थाने के अंतर्गत 6 मामले, मुंगावली थाने के अंतर्गत 5 मामले, नईसराय थाने के अंतर्गत 3 मामले, देहात थाने के अंतर्गत 5 मामले, शाढ़ौरा थाने के अंतर्गत 2 मामले, ईसागढ़ थाने के अंतर्गत 9 मामले, बहादुरपुर थाने के अंतर्गत 5 मामले, कदवाया के अंतर्गत एक मामला, कोतवाली के अंतर्गत 5 मामले, सेहराई के अंतर्गत एक मामला, कचनार के अंतर्गत 3 मामले, चंदेरी थाने के अंतर्गत 4 मामले आए है.  

बता दें की इस प्रकार कुल 49 बालक बालिकाएं हैं जो लापता है. 2015 में 35 बालक और 55 बालिकाएं लापता हुई है, इसके बाद 2016 में 27 बालक और 77 बालिकाएं लापता हुई. फिर 2017 में 33 बालक और 69 बालिकाएं लापता हुईं. 2018 में 24 बालक और 103 बालिकाएं लापता हुई है. 2019 में 29 बालक और 84 बालिकाएं लापता हुईं है और 2020 में अब तक 10 बालक और 49 बालिकाएं लापता हो गए है.

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