कोरोना की इस वैक्सीन के डोज से बढ़ रहा मौत का खतरा, जानिए क्या है वजह

कई यूरोपीय देशों ने पूरे या आंशिक रूप से ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका और ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित की गई कोरोना वायरस वैक्सीन के उपयोग पर रोक लगा दी है. इन देशों ने वैक्सीन के उपयोग को निलंबित करने का निर्णय टीकाकरण के उपरांत खून के थक्के जमने से हुईं संदिग्ध मौतों के उपरांत लिया गया है.

जंहा इस बात का पता चला है कि डेनमार्क की हेल्थ अथॉरिटी ने गुरुवार को एक बयान में बोला कि गंभीर प्रतिकूल घटनाओं की आशंका के चलते डेनमार्क में एस्ट्राजेनेका वैक्सीन का इस्तेमाल 14 दिनों के लिए निलंबित किया जा चुका है. टीकाकरण के उपरांत खून के थक्के जमने की कई रिपोर्ट आईं. साथ ही ऐसे ही एक मामले में इससे 60 वर्ष की महिला की मौत भी हो गई थी. जंहा यह भी कहा जा रहा है कि यूरोपीय चिकित्सा एजेंसी (ईएमए) ने गुरुवार को डेनमार्क के इस कदम को एक एहतियाती कदम कहा है. साथ ही जोर दिया कि अभी तक ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि ये स्थितियां टीकाकरण के कारण बनीं.

ब्रिटेन में लोगों का वैक्सीन लेना जारी: मिली जानकारी के अनुसार डेनमार्क के अतिरिक्त ऑस्ट्रिया, इटली, बुल्गारिया, रोमानिया, एस्टोनिया, लिथुआनिया, लक्जमबर्ग, लातविया और गैर-यूरोपीय संघ (ईयू) के देश नॉर्वे और आइसलैंड ने भी खून के थक्के जमने की ऐसी ही रिपोर्टों के बाद एहतियात के तौर पर वैक्सीन के इलज़ाम पर प्रतिबंध लगा दिया है. इसमें से बुल्गारिया ने एस्ट्राजेनेका वैक्सीन की 45 लाख से अधिक डोज बुक किए थे. ब्रिटेन में मेडिसिन्स एंड हेल्थकेयर प्रोडक्ट्स रेगुलेटरी एजेंसी ने एक बयान में कहा कि 'अब तक यह पुष्टि नहीं हुई है कि एस्ट्राजेनेका कोरोना वायरस वैक्सीन के कारण खून के थक्के बने हैं. लिहाजा लोगों को अभी भी कोरोना वायरस वैक्सीन लेना जारी रखना चाहिए.'

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