'योगी-मोदी की कब्र खुदेगी..', पहलवानों के प्रदर्शन में शामिल हुए किसान नेता, बैरिकेड तोड़े, की विवादित नारेबाजी

नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर में पिछले 16 दिनों से पहलवान, भारतीय कुश्ती संघ (WFI) प्रमुख और भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। उनकी मांग है कि WFI अध्यक्ष बृजभूषण सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए। यह मामला सुप्रीम कोर्ट तक में जा चुका है और वहां पहलवानों की याचिका का निस्तारण भी हो चुका है।

 

दरअसल, पहलवानों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाकर बृजभूषण के खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग की थी, जो दर्ज हो चुकी और जांच भी शुरू हो गई है। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने पहलवानों का केस बंद कर दिया है। दिल्ली पुलिस ने बृजभूषण सिंह शरण के खिलाफ पोक्सो एक्ट और अन्य धाराओं में 2 FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालाँकि, अब पहलवान, ब्रजभूषण सिंह की गिरफ़्तारी की मांग पर अड़ गए हैं और इस बीच उन्हें किसान नेताओं का भी समर्थन मिल गया है। आज सोमवार (8 मई) को किसानों ने जंतर-मंतर में किसानों ने जमकर हंगामा किया। ये लोग पहलवानों के धरना प्रदर्शन का समर्थन करने पहुंचे थे। जिसे देखते हुए पुलिस ने यहां पर बैरिकेडिंग लगा रखी थी। मगर, इन किसानों ने उस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया। इसी दौरान जंतर-मंतर पर 'योगी तेरी कब्र खुदेगी' और 'मोदी तेरी कब्र खुदेगी' जैसे आपत्तिजनक नारे भी लगे।

हंगामा और बैरिकेडिंग तोड़ना पहले से तय था :-

वहीं, दिल्ली के जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर एक बड़ा खुलासा भी हुआ है। TV9 की रिपोर्ट के अनुसार, एक किसान नेता ने बताया है कि हंगामे की प्लानिंग पहले से कर ली गई थी और बैरिकेडिंग तोड़ना भी पहले से तय था। किसान नेता ने खुद स्वीकार किया है कि हंगामे की प्लानिंग के साथ वो लोग यहां आए थे। साथ ही वो सोचकर आए थे कि यदि रोका गया तो वो बैरिकेडिंग भी तोड़ देंगे।  

पहले भी हो चुकी है विवादित नारेबाजी:- 

 

बता दें कि, पहलवानों के समर्थन में एक और प्रदर्शन का वीडियो वायरल हुआ था। जिसमे एक हिजाब पहनी लड़की आज़ादी के नारे लगा रही थी। इन नारों में मनुवाद से आजादी, RSS से आजादी, ब्राह्मणवाद से आजादी, मोदी सरकार से आजादी जैसे नारे शामिल थे। बता दें कि, इसी तरह के नारे कभी कश्मीर में आतंकी लगाते थे। यही नहीं कथित मॉब लिंचिंग के शिकार हुए अखलाक और जुनैद के नाम पर भी नारेबाजी की गई। इसके साथ ही आप इस वीडियो में मजहबी और जातिवादी नारे भी सुन सकते हैं। वहीं, जब एक पत्रकार ने इन नारों को लेकर सवाल किया, तो उसके साथ धक्का-मुक्की की गई। पत्रकार का कहना था कि, जब प्रदर्शन बृजभूषण सिंह के खिलाफ है, तो आज़ादी और मजहबी नारों का क्या मतलब है, इस पर भीड़ द्वारा उस पत्रकार को बृज भूषण शरण सिंह का प्रवक्ता, गोदी मीडिया बताकर चुप कराने की कोशिश की गई। आखिर में पुलिस को बीच बचाव करना पड़ा और वह पत्रकार को भीड़ से बचाकर ले गई।

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