भारतीय नर्स को यमन की अदालत ने सुनाई मौत की सजा, दिल्ली HC से परिजनों ने मांगी मदद

नई दिल्ली: यमन में मौत की सजा का सामना कर रही एक भारतीय नर्स के परिवार ने दिल्ली हाई कोर्ट में गुहार लगाई है. बता दें कि इस मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय सुनवाई के लिए राजी हो गया है. सेव निमिषा प्रिया फाउंडेशन की तरफ से दाखिल याचिका में भारत सरकार को यमन सरकार के साथ राजनयिक चैनलों के जरिए दखल करने के लिए कोर्ट के आदेश की मांग की गई है. बता दें कि दिल्ली हाई कोर्ट में आज इस मामले में सुनवाई हुई. 

जानकारी के अनुसार, केरल की एक नर्स निमिषा यमन में काम कर रही थीं. 2016 में हुए गृहयुद्ध के कारण देश से बाहर आने-जाने पर रोक लगा दी गई थी. लिहाजा निमिषा के पति और उनकी बेटी 2014 में भारत लौट आए, लेकिन नर्स वापस लौट नहीं सकीं. इसके बाद नर्स पर जुलाई 2017 में एक यमनी नागरिक के क़त्ल का आरोप लगाया गया. लिहाजा 7 मार्च को यमन में कोर्ट ने निमिषा की मौत की सजा को बरकरार रखा था.

दिल्ली उच्च न्यायालय में दाखिल की गई याचिका में दावा किया गया है कि मृतक ने नर्स को शारीरिक और आर्थिक रूप से प्रताड़ित किया और उसका पासपोर्ट बंद ब्लॉक करा दिया. इसके अलावा उसने यमनी अधिकारियों के सामने अपने आप को उसका पति बताया. पीड़ित नर्स के परिवार ने कहा कि पीड़िता को इस मामले में कोई मदद नहीं मिल सकी है.

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