उत्तराखंड सीएम ने पीएम मोदी को बताया 21वीं सदी का आम्बेडकर, खड़ा हुआ बखेड़ा

देहरादून: देवभूमि उत्तराखंड के सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने पीएम मोदी की तुलना संविधान निर्माता डॉ भीमराव आंबेडकर से की है. सीएम रावत के इस बयान के बाद अन्य राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों की ओर से प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है. यूकेडी यानी उत्तराखंड क्रांति दल ने 10 फीसद आरक्षण दिए जाने के मोदी कैबिनेट के निर्णय स्वागत किया है. लेकिन, पीएम मोदी की तुलना आंबेडकर से करने को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया है.

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उल्लेखनीय है कि आरक्षण का उत्तराखंड से भी सीधा संबंध है, इस राज्य का निर्माण नवंबर 2000 में हुआ था. लेकिन 1994 में जब पिछड़ी जातियों को 27 फीसदी आरक्षण देने का ऐलान हुआ था, तो उत्तराखंड में आरक्षण विरोधी आंदोलन, अलग राज्य की मांग के आंदोलन में तब्दील हो गया था. इसके बाद अब एक बार फिर प्रदेश में आरक्षण का मामला सुर्ख़ियों में आ गया है. देश में सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के केंद्रीय कैबिनेट के निर्णय के बाद इसपर चर्चाओं का दौर आरम्भ हो गया है. 

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इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए सूबे के सीएम रावत ने पीएम मोदी के फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है. त्रिवेंद्र रावत ने इसके लिए पीएम मोदी को बधाई देते हुए कहा है कि 21 वीं सदी में भारत की धरती पर एक और आंबेडकर ने जन्म लिया है. इस पर उत्तराखंड क्रांति दल के प्रवक्ता शांति प्रसाद भट्ट ने बयान देते हुए कहा है कि हम सवर्णों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के मोदी सरकार के फैसले का जरूर स्वागत करते हैं, किन्तु पीएम मोदी की तुलना बाबा साहेब आंबेडकर से करना सही नहीं है. 

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