बेअदबी नहीं, रोटी खाने गुरूद्वारे में गया था शख्स.. भूखा था वह - रिपोर्ट्स में नया खुलासा

अमृतसर: पंजाब के कपूरथला ‘बेअदबी’ मामले में निजामपुर गुरुद्वारा के ग्रंथी द्वारा जो दावा किया गया था, उसमें अब नई जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पुलिस ने बताया है कि मृतक को एक सेवादार (स्वयंसेवक) ने भूतल पर मौजूद रसोई में उसे भोजन करते हुए देखा था। विशेष रूप से इस गुरूद्वारे के भूतल पर सिर्फ सेवादार और ग्रंथी रहते हैं, और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी ऊपरी मंजिल पर स्थित हैं। रिपोर्ट्स से यह भी पता चला है कि जब सेवादार ने उस शख्स को देखा, तो उसने भागने का प्रयास किया और अंततः सेवादारों ने उसे पकड़ लिया। 

 

उस शख्स की आयु 20 से 30 साल के बीच थी, जिसे गुरुद्वारा परिसर के एक कमरे में रखा गया था। भीड़ ने पुलिस को भी उसे हिरासत में नहीं लेने नहीं दिया और आक्रोशित भीड़ ने उसे पीट-पीट कर मार डाला। बता दें कि पुलिस ने यह भी कहा कि मृतक के शरीर पर आठ गहरे घाव थे, जो तलवार जैसे किसी धारदार हथियार के लग रहे थे। बुरी तरह से घायक शख्स को पुलिस ने जब अस्पताल पहुँचाया, तो वहाँ उसे मृत घोषित कर दिया गया। प्रेस वार्ता के दौरान, पुलिस ने बताया था कि कुछ पुलिसकर्मियों ने पीड़ित को बचाने की कोशिश की थी, मगर भीड़ ने उन्हें ऐसा करने से रोक दिया और चूँकि यह एक हिंसक माहौल था, इसलिए पुलिस ने भी ‘संयम’ दिखाया और माहौल को और बिगड़ने नहीं दिया। वहीं रिपोर्ट्स में बताया गया था कि हिंसक भीड़ को नियंत्रित करने के प्रयास में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी लगी हैं। वहीं, पंजाब पुलिस को गुरुद्वारे में बेअदबी का कोई प्रमाण नहीं मिला है। 

प्रेस वार्ता के दौरान पुलिस ने स्पष्ट कहा है कि निशान साहिब और श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी सहित सब कुछ सही सलामत है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हरकमलप्रीत सिंह खख ने जानकारी दी थी कि मृतक चोरी के इरादे से गुरुद्वारा गया था। कथित तौर पर, 295A के तहत केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा, पुलिस का कहना कि वे सभी एंगल्स से जाँच कर रहे हैं। गौरतलब है कि इससे पहले, पुलिस ने कहा था कि उन्होंने अज्ञात हमलावरों के खिलाफ भी हत्या का केस दर्ज किया था, किन्तु बाद में पुलिस ने यू-टर्न लेते हुए कहा कि उन लोगों के खिलाफ कोई केस दर्ज नहीं किया गया है, जिन्होंने उसे पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया। पुलिस महानिरीक्षक गुरिंदर सिंह ढिल्लों ने कहा कि वे ग्रंथी अमरजीत सिंह से पूछताछ कर रहे हैं और सभी तथ्यों की पुष्टि के बाद ही FIR दर्ज होगी। वहीं कुछ रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि पुलिस को अलर्ट करने की जगह, गुरुद्वारा प्रभारी ने सोशल मीडिया पर लाइव वीडियो बनाना शुरू कर दिया, इस प्रकार भीड़ को भड़काया गया और आरोप लगाया गया कि पीड़ित युवक ने बेअदबी की है। ऐसा ही एक अन्य वीडियो, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमे गुरुद्वारा प्रभारी लोगों को बता रहे हैं कि पीड़ित को रसोई से रोटियाँ लेते हुए पकड़ा गया था और उसे पकड़कर पीटा गया था। फिर वह कहता है कि उस आदमी ने निशान साहब को छूने का भी प्रयास किया। हालाँकि, पुलिस ने कहा है कि श्री गुरु ग्रन्थ साहिब ऊपरी मंजिल पर रखा हुआ है और किसी के छूने या नुकसान पहुँचाने का कोई संकेत नहीं था। 

 

एसएसपी कपूरथला एचपीएस खख ने बताया कि गुरुद्वारा प्रभारी को पुलिस का आना पसंद नहीं है और वह पहले से ही इलाके में भी पुलिस की उपस्थिति पर आपत्ति जताते रहे हैं। वह अमूमन पाकिस्तान स्थित सिख धर्मस्थलों का भी दौरा करते रहे हैं। जैसे-जैसे अधिक जानकारी सामने आ रही हैं, यह साफ़ होता जा रहा है कि जिस पीड़ित को हिंसक भीड़ द्वारा बेरहमी से पीट-पीट कर मार डाला गया था, वह गरीब और निराश शख्स था, जो भूखा था और कुछ भोजन की तलाश में रोटियों के लिए गुरुद्वारे पहुंचा था। 

उधर, बिहार की एक महिला का दावा है कि पंजाब के कपूरथला के एक गुरुद्वारे में जिस व्यक्ति को मार डाला गया है, वह उसका भाई था। एक रिपोर्ट के मुताबिक, महिला ने उस शख्स की पहचान अंकित कुमार के रूप में की और उसकी माँ का नाम गीता देवी है। महिला ने पुलिस को फोन पर बताया है कि वह अपनी माँ के साथ कपूरथला आएगी। रिपोर्टों से पता चलता है कि महिला ने सत्यापन के लिए पुलिस को कुछ डाक्यूमेंट्स और तस्वीरें भी भेजीं हैं। जिसकी पुष्टि करते हुए SSP खख ने कहा कि उन्हें कागज़ात मिल गए हैं और उनकी जाँच की जा रही है।

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