एनकाउंटर को बता रहे शहादत, कब्र से जाग उठे सिमी आतंकी!

खंडवा : आखिरकार सिमी के आतंकियों को मारे जाने के बाद जिस बात का डर होता है वही हुआ। दरअसल भोपाल की केंद्रीय जेल से फरार हुए सिमी के 8 आतंकियों को पुलिस ने एनकाउन्टर में तो मार दिया लेकिन अब ये कब्र में से जिंदा हो गए हैं। दरअसल एनकाउंटर में मारे गए 5 आतंकियों को खंडवा में दफना दिया गया था। अब यहां पर इन आतंकियों की कब्र पर ग्रेनाइट पत्थर लगा दिया गया है। कब्रों पर लगे पत्थरों पर चमकदार अक्षरों में- शहादत शब्द उकेर दिया गया है।

इसे बेहद खतरनाक माना जा रहा है। कथित तौर पर लिखा गया है शहादत नौश फरमाई। इसमें उर्दू और हिंदू में लिखा गया है कि जिन लोगों ने मेरी खातीर हिजरत की और मेरी राह में घरों से निकाले गए और सताए गए मेरी खातीर लड़े और मारे गए मैं उनके सब कसूर माफ कर दूंगा उन्हें ऐसे बागों में दाखिल करूंगा जिनके नीचे नहरें बहती होंगीं ये जज़ा है उनकी अल्लाह के यहां और बहतरीन जज़ा अल्लाह ही के पास है।

हालांकि पुलिस विभाग के अधिकारी खुद को इस तरह के वाकये से अन्जान बता रहे हैं। इतना ही नहीं शहर के काजी इन बातों से अनभिज्ञ हैं। गौरतलब है कि आतंकियों में अकील खिलजी, मेहबूब उर्फ, गुड्डू, अमजद रमजान, सालिक हकीम और जाकिर बदरूल का जनाजा निकाला गया तो यहां पर तनाव की स्थिति बन गई। यहां पर जमकर पथराव हुआ। ऐसे में तनाव को नियंत्रित करने में काफी परेशानियां हुईं।

अब इनकी कब्रोें पर इस तरह के संदेश लिखे पत्थर लगे हैं और संभावना है कि इस बात से तनाव फैल सकता है। इतना ही नहीं एक गलत संदेश भी लोगों के बीच जा रहा है। मगर अब इस मामले में ध्यान देने वाला कोई नहीं है। जिम्मेदार भी सुध लेकर किसी तरह की कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।

 चादर का फंदा बनाकर भागे थे

भोपाल की सेंट्रल जेल से 30 अक्टूबर और 31 अक्टूबर की रात्रि में सिमी के 8 आतंकी जेल से भाग निकले थे। भागने के लिए आतंकियों ने चादर को रस्सी की तरह उपयोग किया था। मगर बाद में ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस ने उन्हें घेर लिया था और एनकाउंटर में मार दिया था। फरार होने वाले आतंकियों में रमजान खान, जाकिर हुसैन, शेख मेहबूब, मोहम्मद सालिक, मुजीब शेख, अकील खिलजी, खालिद अहमद और मजीद नागौरी आदि शामिल थे। अब आतंकियों की कब्र पर इस तरह के पत्थर लगे होने से स्थिति काफी गंभीर हो गई है। 

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