'मेरे पिता जिन्दा होते, तो पाकिस्तान नहीं बनता..', सुभाष चंद्र बोस की बेटी का बड़ा बयान

नई दिल्ली: देश के महान स्वतंत्रता सेनानी और आजाद हिंद फौज (INA) के संस्थापक नेताजी सुभाषचंद्र बोस की पुत्री अनीता बोस ने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा इंडिया गेट पर नेताजी की होलोग्राम प्रतिमा स्थापित किए जाने पर ख़ुशी प्रकट की है। उन्होंने नेताजी की प्रतिमा लगाने के मोदी सरकार के फैसले का स्वागत किया है। एक साक्षात्कार में जर्मनी में रहने वाली नेताजी सुभाष चंद्र बोस की पुत्री अनीता बोस ने बताया कि महात्मा गाँधी मेरे पिता को सियासत से दूर करना चाहते थे। यदि मेरे पिताजी जीवित होते तो देश का बंटवारा नहीं होने देते और एक अलग देश पाकिस्तान नहीं बनता।

नेताजी को भारत सरकार से किस प्रकार का सम्मान मिलना चाहिए था? इस सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि, 'मेरा मानना है कि सरकार इस संबंध में काफी कुछ कर सकती थी, मगर सरकार ने कुछ तथ्य छिपाए हैं। मैं इस बात से बेहद निराश हूँ। सरकार ने सांप्रदायिक दंगों और विवादों पर कुछ नहीं कहा और ना ही कोई ठोस कदम उठाए। ऐसे मामलों पर चुप रहना देशहित में नहीं है। आजादी के 70 सालों बाद अब नेताजी के आदर्शों और मूल्यों को पहचान मिल रही है। इससे देश में एक अच्छा संदेश जाएगा।'

क्या मोदी सरकार देश के स्वतंत्रता सेनानियों को उनका सही सम्मान दे रही है? इस पर उन्होंने कहा कि, 'इस सरकार को भी स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को सम्मान देनी चाहिए। उन्हें पहचान देनी चाहिए। INA के जवानों ने देश की स्वतंत्रता के लिए कोई कम त्याग नहीं किया। इंदिरा गाँधी देश की ऐसी प्रथम प्रधानमंत्री थीं, जिन्होंने INA को पहचान दी, मगर उन्होंने भी भेदभाव ही किया। आजादी के बाद INA के सैनिकों को आर्मी में शामिल नहीं किया। इसके विपरीत, जिन सैनिकों ने ब्रिटिश सेना में रह कर अपने देश के लोगों पर अत्याचार किए थे, उन्हें सेना में शामिल किया गया।'

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