तो क्‍या 'पठान बायकॉट' को दबाने के लिए उठाया गया 'बागेश्वर धाम सरकार' का विवाद?

इन दिनों पुरे भारत में सिर्फ 2 मुद्दे तूल पकड़े हुए है एक फिल्म पठान को लेकर ओर दूसरा बागेश्वर धाम सरकार के नाम से लोकप्रिय कथावाचक आचार्य धीरेंद्र शास्त्री... पठान फिल्म को लेकर कई लोग भड़क उठे है तो वही इसके बीच बागेश्वर धाम सरकार पर विवाद खड़ा होना एक बड़ा विषय है कई लोग इसे एक बड़ी साजिश का नाम दे रहे है कई लोगों का कहना है कि पठान फिल्म के विवाद से ध्यान हटाने के लिए आचार्य धीरेंद्र शास्त्री का मुद्दा खड़ा किया गया है। आइये डालते है इन दोनों विवादों पर नजर...

‘पठान’ को लेकर विवाद:- * ‘12 दिसंबर को रिलीज हुए पठान’ के गाने को लेकर विवाद हो रहा है। * ‘पठान’ के नए गाने बेशर्म रंग का खूब मजाक बनाया जा रहा है तथा  इस गाने पर चोरी का भी आरोप लगा है। लोगों का कहना है कि 2016 में रिलीज गाने की धुन जैन के मरीबा को चोरी कर बेशर्म रंग में पूरा कॉपी-पेस्ट कर दिया गया। * ‘पठान’ के गाने को लेकर हो रहे विवाद का एक और कारण दीपिका का ग्लैमरस अवतार है। * गाने में दीपिका पादुकोण के भगवा आउटफिट्स् को लेकर सवाल किए जा रहे हैं। * मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने फिल्म के गाने पर एतराज उठाया है। * नरोत्तम मिश्रा ने फिल्म के गाने के कुछ सीन हटाने को कहा है।  * नरोत्तम मिश्रा ने यह चेतावनी भी दी थी कि यदि आपत्तिजनक आउटफिट वाले सीन न हटाए गए तो मध्य प्रदेश में यह फिल्म रिलीज होगी कि नहीं इस पर विचार किया जाएगा।  * उत्तर प्रदश के अयोध्या में भी ‘पठान’ के लेटेस्ट गाने में भगवा का विरोध करते हुए संत समाज ने नाराजगी जाहिर की है। * संत समाज ने शाहरुख खान पर सनातन विरोधी होने का भी आरोप लगाया है। * हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास ने फिल्म के बहिष्कार की अपील करते हुए विवादित बयान दे डाला है। उन्होंने कहा, “जहां भी ‘पठान’ फिल्म लगे उस सिनेमाघर को फूंक डालो।” * ‘पठान’ का विरोध वैसे टीजर रिलीज होने के पश्चात् से ही हो रहा है। दरअसल टीजर में शाहरुख खान के “भारत में असहिष्णुता फैल रही है।” कहने से फिल्म का विरोध शुरू हुआ था। * दीपिका पादुकोण 2020 में जेएनयू गई थी तथा उन्होंने वहा छात्रों के साथ हुई हिंसा का विरोध किया था। वहीं अब जब दीपिका की फिल्म 'पठान' रिलीज होने वाली है तो उनकी जेएनयू की फोटोज वायरल हो रही हैं और फिल्म के बायकॉट की मांग भी उठ रही है।   बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री को लेकर विवाद:- मध्य प्रदेश के छतरपुर स्थित बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री कथा वाचक हैं। वह दावा करते हैं कि वे मन की बात जान लेते हैं। उनकी कथा के वीडियो जमकर वायरल होते रहते हैं, जिसमें वे ऐसा करते नजर आते हैं। लोकप्रियता बढ़ी तो धीरेंद्र शास्त्री को देश के अलग-अलग प्रदेशों से कथा के लिए बुलावा आने लगा। ऐसी ही एक कथा में वह नागपुर गए हुए थे। यह कथा 13 जनवरी तक चलनी थी मगर शास्त्री 11 जनवरी को ही वापस लौट गए। महाराष्ट्र की एक संस्था है- अंध श्रद्धा उन्मूलन समिति। इस संस्था के श्याम मानव ने बोला- धीरेंद्र शास्त्री के नाम पर जादू-टोना करते हैं तथा अंधविश्वास को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने पुलिस से धीरेद्र शास्त्री के विरुद्ध कार्रवाई करने की भी मांग की। महाराष्ट्र में अंधश्रद्धा उन्मूलन कानून है जिसमें अंधविश्वास फैलाने वाले के विरुद्ध कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। संस्था ने इसी कानून के तहत कार्रवाई की मांग की। समिति ने 30 लाख की चुनौती भी दे डाली कि धीरेंद्र शास्त्री अपने दिव्य दरबार में जिन चमत्कारों का दावा करते हैं, उन्हें आकर उसके मंच पर दिखाएं। ऐसा करते हैं तो उन्हें 30 लाख रुपये दिए जाएंगे मगर शास्त्री ने चुनौती स्वीकार नहीं की। बल्कि, जैसा ऊपर बताया गया है वह दो दिन पहले ही कथा ख़त्म करते वापस लौट गए। इस पर धीरेंद्र शास्त्री मंच को लेकर एक वर्ग सोशल मीडिया पर दावा करने लगा कि वो डरकर भाग गए। हालांकि काफी सारे लोग उनके समर्थन में भी लिख रहे हैं। ये मुद्दा दिन प्रतिदिन बड़ा रूप लेता जा रहा है।

वही अब कही न कही बागेश्वर धाम सरकार के विवाद पर इस समय हर किसी की नजर है तथा बीते दिनों जिस पठान फिल्म को लेकर बॉयकॉट करने की मांग उठ रही थी वो अब ठंडी पड़ गई है। तो क्या ये कहना सही होगा कि पठान फिल्म को फ्लॉप से बचाने के लिए ही बागेश्वर धाम सरकार का विवाद उत्पन्न किया गया है?

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