पाकिस्तान की शांति दूत मलाला स्वदेश लौटीं

इस्लामाबाद :बच्चों के अधिकार के लिए लड़ने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई पाकिस्तान लौट आई हैं. पाकिस्तानी मीडिया ने बताया की मलाला गुरुवार को दुबई के रस्ते पाकिस्तान लौटीं. मलाला 2012 में तालिबानी आतंकियों द्वारा उन पर किए गए हमले के बाद इंग्लैंड जाकर बस गई थीं, जिसके बाद आज 6 साल बाद वे वापिस  पाकिस्तान लौटीं हैं.

स्थानीय मीडिया के अनुसार आज सुबह 1:41 बजे पाकिस्तान के बेनजीर भुट्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर उनका विमान (अमिरात EK-614) उतरा.  गत हमलों को देखते हुए पाकिस्तान में मलाला की सुरक्षा के पुख्ता इंतज़ाम किए गए थे. एयरपोर्ट से उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच एक होटल में ठहराया गया है. गौरतलब है कि  इसी साल जनवरी में दावोस में आयोजित विश्व आर्थिक मंच की वार्षिक बैठक में कहा था कि "मुझे विश्वास है, मैं एक दिन पाकिस्तान जरूर जाऊंगी और अपने देश को देखुंगी."  

आपको बता दें कि 15 साल की उम्र में मलाला यूसुफजई को तालिबानी आतंकियों ने उस वक़्त गोली मरी थीं जब वे पश्चिमोत्तर पाकिस्तान में सभी बच्चों को शिक्षा के अधिकार लिए अभियान चला रही थीं. इससे नाराज़ तालिबानी आतंकियों ने उन पर गोलियां बरसाईं थीं. इसके बाद उन्हें पेशावर के मिलिट्री अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन हालात बिगड़ने पर उन्हें और इलाज के लिए लंदन भेजा दिया गया था . मलाला लंदन में ही रहती हैं. 1997 में जन्मी मलाला अंतरराष्‍ट्रीय बाल शांति पुरस्कार, पाकिस्तान का राष्ट्रीय युवा शांति पुरस्कार (2011) के अलावा कई बड़े सम्मानों से नवाज़ी जा चुकी हैं. 

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