सिरदर्द बनता जा रहा कोरोना, रैपिड टेस्‍ट किट ने भी किया निराश

भारत के राज्य राजस्‍थान में रैपिड टेस्‍ट किट के जरिए कोरोना टेस्‍ट के रिजल्‍ट सही न आने से परेशानी बढ़ गई है. कुछ दिन पहले ही ये किट राजस्‍थान भेजी गई थीं, लेकिन राज्‍य सरकार की तरफ से इन्‍हें ये कहते हुए लौटा दिया गया कि इससे रिजल्‍ट सही नहीं आ रहे हैं. इसके बाद भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने इस किट से जांच करने पर फिलहाल रोक लगा दी है. अब आईसीएमआर के वैज्ञानिक दो दिन फील्ड में जाकर किट का परीक्षण करेंगे. इसके बाद सरकार आगे इनके इस्तेमाल को लेकर अंतिम निर्णय लेगी. भारत में कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए इन रैपिड किट की अहमियत काफी ज्‍यादा है.

लॉकडाउन के बीच सीएम ममता का बड़ा फैसला, इस उत्पाद को ई-नीलामी की दी अनुमति

आपकी जानकारी के लिए बात दे कि आखिर ये टेस्‍ट किट कैसे काम करती है. दरअसल, जब आप किसी वायरस या और किसी पैथोजन से संक्रमित होते हैं, तो शरीर उससे लड़ने के लिए एंटीबॉडीज बनाता है. रैपिड टेस्ट से इन्हीं एंटीबॉडी का पता लगता है. खून में मौजूद एंटीबॉडी से ही पता चलता है कि कोरोना या किसी अन्य वायरस का संक्रमण है या नहीं.

ममता के रुख में आई नरमी, केंद्र द्वारा जारी कोरोना निर्देशों को लेकर बोली यह बात

कोरोना से मुकाबले और शरीर को स्‍वस्‍थ रखने में एंटीबॉडीज की भूमिका काफी अहम होती है. ये किसी भी बीमारी का प्रभाव कम करने और उसको खत्‍म करने का काम करती है. इनके बनने की शुरुआत एंटीजन के शरीर में प्रवेश के बाद होती है. एंटीबॉडीज शरीर में मौजूद व्‍हाइट ब्‍लड सेल्‍स या बी लिंफोसाइट्स के जरिए बनती हैं. एंटीजन बी सेल्‍स इनके निर्माण में आफी अहम भूमिका निभाते हैं. 

पृथ्वी दिवस पर बोले पीएम मोदी, कहा- हम अपने ग्रह के प्रति आभार व्यक्त करते हैं.

शांता कुमार बोले, सभी धर्मो की संपत्ति का प्रयोग नर सेवा में होना चाहिए

महामारी का डट के मुकाबला कर रहे सीएम योगी, हिट हो रहा कोरोना मॉडल

 

Related News