इस्लाम का त्याग करेंगी इंडोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति की बेटी, अपनाएंगी हिन्दू धर्म

जकार्ता: इंडोनेशिया के प्रथम राष्ट्रपति सुकर्णो की पुत्री ने इस्लाम से वापस हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया है। वह मंगलवार को (26 अक्टूबर, 2021) विधि विधान के साथ हिंदू धर्म में घर वापसी करेंगी। इसके लिए जालान मेयर मेतरा, सिंगराजा बुलेलेंग बाली में बंग कर्णो की माँ न्योमन राय श्रीमबेन के घर पर सुधी वदानी नामक रस्म अदा की जाएगी।

इसको लेकर बाली में सुकर्णो परिवार के प्रमुख आर्य वेदकर्ण ने शुक्रवार (22 अक्टूबर) को धर्म परिवर्तन के सुकमावती के फैसले को बंग कर्णो के परिवार मेगावती सोकर्णोपुत्री, गुंटूर सोकर्णोपुत्र और गुरुह सोकर्णोपुत्र का आशीर्वाद करार दिया है। सुकमावती के तीनों बच्चों ने भी इसकी इजाजत दे दी है। 70 वर्ष की आयु में सुकमावती ने हिंदू धर्म अपनाने का निर्णय लिया है, क्योंकि वह अपने धर्म में वापस आना चाहती थीं। वेदकर्ण ने कहा कि, “सिंगराजा की दादी न्योमन राय सिरिम्बेन भी एक हिंदू हैं। इसलिए वह भी जकार्ता में नहीं बल्कि बाली में अपना स्थान चाहती हैं।'

सुकर्णो सेंटर बाली के अध्यक्ष ने कहा कि समिति ने बंग कर्णो के पूरे परिवार, राष्ट्रपति जोकोवी और इंडोनेशिया कैबिनेट के सभी मंत्रियों को इसके लिए न्योता भेजा है। उन्होंने आगे कहा कि, 'अभी तक तमाम तैयारियाँ अच्छी रही हैं।' आर्य वेदकर्ण ने कहा कि सुकमावती का हिंदू धर्म में जाना अपने पैतृक धर्म में लौटने का उनका अधिकार है। उनके मुताबिक, सुकमावती की दादी, इदा आयु न्योमन राय श्रीम्बेन, सिंगराजा, बुलेलेंग रीजेंसी, बाली से हैं और सब लोग हिंदू हैं।

फ़िजी नवंबर में फिर से खोलेगा सभी बार और क्लब

भारत-पाकिस्तान का मैच देखने के लिए इस अभिनेत्री ने बुक करवाई गोल्डन सीट

'मुस्लिम बनो या देश छोड़ो..', अफगानिस्तान के सिखों को मिले दो ऑप्शन

 

Related News