कोविड केयर सेंटर में तब्दील हुए रेलवे कोच, कूलिंग के लिए किए ये इंतजाम

नई दिल्ली: कोरोना महामारी के बढ़ते मामलों और अस्पताल में बेड की कमी के मद्देनज़र रेलवे ने ट्रेनों के कोच को आइसोलेशन वार्ड में बदला है. भारतीय रेल ने कोरोना संक्रमितों को क्वारनटीन करने के लिए अतिरिक्त इंफ्रास्ट्रक्चर के तौर पर 5231 कोच तैयार किए हैं. इन कोचों को जरूरत के अनुसार, राज्य सरकारों के आग्रह पर तैनात किया जाएगा.

कोविड केयर सेंटर में तब्दील ट्रेनों के कोचों के रखरखाव की जिम्मेदारी रेलवे की होगी, जबकि चिकित्सा सुविधा राज्य सरकारों द्वारा मुहैया कराई जाएगी. रेलवे के कोचों को कोविड केयर सेंटर में बदलने से पहले नीति आयोग और स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के साथ बातचीत की गई. रेलवे ने कहा कि नीति आयोग व स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, Non-AC डिब्बे AC डिब्बों की तुलना में कोरोना संक्रमण नियंत्रण के लिए अधिक उपयुक्त हैं.

कोविड केयर सेंटर में तब्दील ट्रेनों के डिब्बों को ठंडा रखने के लिए रेलवे गर्मी रोकने वाले पेंट और बांस की चिक के अतिरिक्त 'बबल रैप्स' जैसे नए तरीकों का उपयोग कर रहा है. रेलवे ने कहा कि इन डिब्बों को शीट से ढका जा रहा है जिससे भीतर से यह ठंडा रह सके. समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बबल रैप फिल्मस यानी बुलबुले वाली पॉलीथिन को भी डिब्बों पर लपेटा जा रहा है, जिसके जरिए डिब्बे के भीतर का तापमान एक डिग्री सेल्सियस तक कम होने की उम्मीद है.

24 घंटों में 14516 संक्रमित मरीज मिले, हर दिन हो रही 300 से उपर मौतें

एयर चीफ मार्शल भदौरिया का बड़ा बयान, भारत हर परिस्थिति के लिए तैयार

छत्तीसगढ़ : हाथी की मौत पर सरकार का रूख सख्त, कई अफसरों पर गिरी गाज

 

Related News